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Satna News: संजय सिंह बघेल ने बचपन में बॉर्डर फिल्म देखी थी. जिसके बाद उनके मन में देश के लिए कुछ करने का जुनून और गहरा हो गया. उसी दिन उन्होंने तय किया कि वह सेना में भर्ती होंगे और भारत माता की सेवा करेंगे.
बचपन में बॉलीवुड की बॉर्डर फिल्म देखने के बाद संजय सिंह बघेल के मन में देश के लिए कुछ करने का जुनून और गहरा हो गया था. उसी दिन उन्होंने तय कर लिया था कि वह सेना में जाएंगे और भारत माता की सेवा करेंगे. अपने सैन्य करियर में उन्होंने कई चुनौतियों का सामना किया लेकिन हर बार अपने हौसले और अनुशासन से उन्हें पार किया. पारिवारिक जिम्मेदारियों और मां की खराब तबीयत के कारण संजय ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली लेकिन रिटायरमेंट के बाद भी उन्होंने देशसेवा का सफर नहीं रोका. 2018 में जब वह लौटे तो मैहर, कटनी और सतना रेलवे स्टेशन पर उनका भव्य स्वागत हुआ. इसके बाद उन्होंने संकल्प लिया और अपने निजी खर्च से रिटायर्ड सैनिकों का धूमधाम से स्वागत करने की परंपरा शुरू की.
दूर से पहचान लेते हैं लोग
संजय सिंह बघेल ने लोकल 18 से कहा कि बचपन से ही उन्हें आर्मी लुक का शौक था लेकिन रिटायरमेंट के बाद उन्होंने इसे अपनी पहचान बना लिया. वह अपने कपड़े, ज्वेलरी, लॉकेट, टैटू और एक्सेसरीज खुद डिजाइन कर ऑर्डर देते हैं. उनकी खुली जीप जब सड़कों पर दौड़ती है, तो लोग दूर से ही पहचान लेते हैं.