इंदौर नगर निगम में पार्षद कादरी को हटाने का प्रस्ताव: महापौर ने संभागायुक्त को भेजा पत्र; सराफा चौपाटी पारंपरिक स्वरुप में लौटेगी – Indore News

इंदौर नगर निगम में पार्षद कादरी को हटाने का प्रस्ताव:  महापौर ने संभागायुक्त को भेजा पत्र; सराफा चौपाटी पारंपरिक स्वरुप में लौटेगी – Indore News


लव जिहाद के लिए फंडिंग के आरोपी कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी को पार्षद पद से हटाने का प्रस्ताव अब नगर परिषद के समक्ष पेश किया जाएगा। इस प्रस्ताव पर महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। यह प्रस्ताव वार्ड 62 की पार्षद रूपा दिनेश पांडे ने लिख

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महापौर भार्गव ने 20 जून को संभागायुक्त को पत्र भेजकर अनवर कादरी की पार्षदी समाप्त करने की अनुशंसा की थी। पत्र में जिक्र किया गया कि कादरी के खिलाफ देशद्रोह सहित कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं और वह आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है।

लव जिहाद पर फंडिंग के आरोप

पत्र में यह भी जिक्र किया गया कि, कादरी पर आरोप है कि उन्होंने कथित रूप से ‘लव जिहाद’ को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष समुदाय के युवकों को आर्थिक सहायता दी। इस मामले में संभागायुक्त ने पुलिस विभाग से रिपोर्ट तलब की थी।

पुलिस द्वारा दी गई रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई कि कादरी पर कई प्रकरण दर्ज हैं और उनके खिलाफ 20 हजार रुपए के इनाम की भी घोषणा की गई है।

इसके बाद संभागायुक्त ने कादरी को नोटिस जारी किया, जिसमें कहा गया कि उनके कृत्यों से शहर की सामाजिक सद्भावना को ठेस पहुंची है और सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ा है।

नोटिस में पूछा गया है कि क्यों न मध्यप्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1956 की धारा 19(1)(अ) के तहत उन्हें पार्षद पद से मुक्त कर दिया जाए। यह नोटिस उनके निवास पर चस्पा किया गया है। उन्हें 25 अगस्त को अपना पक्ष प्रस्तुत करने के लिए कहा गया है।

कांग्रेस पार्षद अनवर कादरी पर लव जिहाद में फंडिंग के आरोप है।

सराफा चौपाटी में केवल परंपरागत दुकानें रहेंगी, बाकी हटेंगी

महापौर परिषद (एमआईसी) की हाल ही में हुई बैठक में इंदौर की प्रसिद्ध सराफा चौपाटी को पारंपरिक स्वरूप में लौटाने का फैसला लिया गया है। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने इस प्रस्ताव पर भी हस्ताक्षर कर दिए हैं। प्रस्ताव के अनुसार, अब चौपाटी में केवल परंपरागत व्यंजन बेचने वाली दुकानें ही संचालित होंगी, जबकि अन्य प्रकार की दुकानें हटाई जाएंगी।

सराफा चौपाटी को पारंपरिक स्वरुप दिया जाएगा।

सराफा चौपाटी को पारंपरिक स्वरुप दिया जाएगा।

चौपाटी में भीड़ और हादसे की आशंका बनी रहती है

करीब 100 साल पुरानी सराफा चौपाटी में पहले केवल परंपरागत व्यंजन ही परोसे जाते थे। लेकिन पिछले तीन दशकों में यहां चाइनीज और फास्ट फूड की दुकानों की संख्या तेजी से बढ़ी है। वर्तमान में चौपाटी क्षेत्र में 200 से अधिक छोटी-बड़ी दुकानें संचालित हो रही हैं। तंग गलियों में बढ़ती भीड़ और हादसों की आशंका को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है।

महापौर परिषद ने निर्देश दिए हैं कि परंपरागत दुकानों को छोड़कर बाकी दुकानों को हटाया जाए और चौपाटी को पारंपरिक स्वरूप दिया जाए। साथ ही, तय प्रतिष्ठानों से नियमानुसार शुल्क वसूलने के लिए राजस्व विभाग को अधिकृत किया गया है। इस पूरे अभियान की निगरानी और क्रियान्वयन के निर्देश नगर निगम आयुक्त को दिए गए हैं।



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