मवेशियों से फसल बचाने को किसान दे रहे झटका, मामूली खर्च में हो जाएगा काम

मवेशियों से फसल बचाने को किसान दे रहे झटका, मामूली खर्च में हो जाएगा काम


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किसान आवारा मवेशियों और जंगली जानवरों से फसलों को बचाने स्मार्ट तरीका अपना रहे हैं जिसमें एक झटका मशीन है यह बिजली से चलने वाली मशीन है ढाई हजार कीमत में आती 

अनुज गौतम सागर

खरीफ के सीजन में किसानों के द्वारा सोयाबीन मक्का धान मूंग उड़द अरहर जैसी फसलों की खेती की जा रही है. लेकिन इस बार किसानों को दोहरी मार झेलनी पड़ रही है. एक तो भारी बारिश की वजह से खेतों में जल निकासी कर फसलों को बचाने की चुनौती है. तो दूसरी तरफ आवारा मवेशियों और जंगली जानवरों से फसल सुरक्षित बची रहे इसके भी इंतजाम करने पड़ रहे, कई जगहों पर जंगली जानवरों के द्वारा फसलों को तहस-नहस करने की खबरें सामने आ रही है.

ऐसे में किसानों के द्वारा अपनी फसलों को बचाने के लिए तरह-तरह के उपाय किए जा रहे हैं ऐसे ही कुछ किसान आवारा मवेशियों और जंगली जानवरों से फसलों को बचाने स्मार्ट तरीका अपना रहे हैं जिसमें एक झटका मशीन है यह बिजली से चलने वाली मशीन है ढाई हजार कीमत में आती है और इससे लोहे के सिंगल या डबल जीआई तार कनेक्ट करते हैं जिससे 5- 10 एकड़ फसल को आराम से चारों तरफ से कवर कर दिया जाता है. इस लोहे के तार में एक सेकंड छोड़कर करंट का संचार होता रहता है जिससे अगर कोई गलती से भी स्टार के संपर्क में आता है तो उसको झटका लगता है इंसान जहां सदर को सावधान हो जाते हैं तो वही जानवरों के लिए यह डरावनी चीज होती है एक दो बार झटका लगने के बाद मवेशी गलती से भी उन तारों के पास नहीं जाते हैं

सत्यम उपाध्याय बताते है कि यह मशीन ढाई हजार से लेकर 4000 तक की आती है 240 वोल्ट की मशीन है और इससे 60 एकड़ तक की जगह को कवर किया जा सकता है, इस समय लगने के लिए अपने खेत की जो हद होती है उसके पास लड़कियां करते हैं फिर प्लास्टिक की पलक के सहारे इन तारों को उनसे बांधते जाते हैं जिससे लड़कियों में और जमीन में करंट नहीं आता है केवल लोहे के तार में दौड़ता रहता है इस झटका मशीन के करंट से किसी को कोई नुकसान भी नहीं होता है और फसल भी आसानी से बची रहती है खास करके जंगली सूअर झटका खाने के बाद फसल की तरफ नहीं जाते हैं.

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