Independence Day GK: एमपी के इस ग्राउंड से शुरू हुआ था भारत छोड़ो आंदोलन, जो बन गया अंग्रेजों के शासन में अंतिम कील

Independence Day GK: एमपी के इस ग्राउंड से शुरू हुआ था भारत छोड़ो आंदोलन, जो बन गया अंग्रेजों के शासन में अंतिम कील


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Independence Day GK : भारत छोड़ो आंदोलन भारत में ब्रिटिश शासन के ताबूत में अंतिम कील बना. इसकी शुरुआत आठ अगस्त 1942 को मध्य प्रदेश के ग्वालियर से हुई थी.

MP के इस ग्राउंड से शुरू हुआ था भारत छोड़ो आंदोलन, हिल गई अंग्रेेजी सरकारIndependence Day: महात्मा गांधी ने करो या मरो का नारा ग्वालियर में दिया था.

Independence Day GK : भारत इस साल ब्रिटिश उपनिवेशवाद से आजादी की 78वीं वर्षगांठ मना रहा है. इस जंगआजादी में भारत छोड़ो आंदोलन एक महत्वपूर्ण घटना थी. जिसे इतिहासकर भारत में ब्रिटिश शासन के ताबूत मेंआखिरी कील कहते हैं. स्वतंत्रता संघर्ष का सबसे बड़ा और निर्णायक जन विद्रोह 13 अगस्त 1942 को पूरे देश में फैल चुका था. जिसमें गांव से लेकर शहर तक छात्र, किसान, महिलाएं और मजदूर सभी शामिल हुए. इस दिन पूरे देश में कई महत्वपूर्ण घटनाएं हुई. इसलिए 13 अगस्त का दिन भारत के इतिहास में खास जगह रखता है.

13 अगस्त 1942 तक आंदोलन ने गहराई से जड़ बना ली थी. युवा और छात्र फ्रंटलाइन पर थे, और सरकार की सुरक्षा बलों ने व्यापक कार्रवाई कीजिससे आंदोलन के प्रति जनता की भावना और भी प्रबल हो गई थी.

भारत छोड़ो आंदोलन की महत्वपूर्ण बातें

घोषणा: 8 अगस्त 1942, मुंबई (ग्वालिया टैंक मैदान, जिसे अब अगस्त क्रांति मैदान कहते हैं) में अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के अधिवेशन में महात्मा गांधी ने “अंग्रेज़ो भारत छोड़ो” का नारा दिया.

कारण: द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश सरकार की दमनकारी नीतियाँ, भारतीय नेताओं से बिना परामर्श युद्ध में भारत को झोंकना, और स्वतंत्रता की मांग को ठुकराना.

प्रमुख नारा: “करो या मरो” (Do or Die).

घटनाएं: आंदोलन के पहले ही दिन गांधी जी, नेहरू, पटेल समेत कई बड़े नेता गिरफ्तार कर लिए गए. जनता ने रेलवे स्टेशन, डाकघर, पुलिस थानों पर कब्जा किया, ब्रिटिश सत्ता के प्रतीकों को निशाना बनाया.

परिणाम: यह आंदोलन ब्रिटिश शासन के खिलाफ सबसे बड़े जन-विद्रोहों में से एक बना, जिसने 1947 में स्वतंत्रता की राह तेज कर दी.

Praveen Singh

प्रवीण सिंह साल 2015 से जर्नलिज्म कर रहे हैं. न्यूज18 हिंदी के करियर/एजुकेशन/जॉब्स सेक्शन में साल 2021 से काम कर रहे हैं. इन्हें फोटोग्राफी करने, किताबें पढ़ने, बाईक से लंबी यात्राएं करने का जुनून है. किताबों मे…और पढ़ें

प्रवीण सिंह साल 2015 से जर्नलिज्म कर रहे हैं. न्यूज18 हिंदी के करियर/एजुकेशन/जॉब्स सेक्शन में साल 2021 से काम कर रहे हैं. इन्हें फोटोग्राफी करने, किताबें पढ़ने, बाईक से लंबी यात्राएं करने का जुनून है. किताबों मे… और पढ़ें

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