Last Updated:
MP Teacher Bharti 2025: स्टूडेंट साइंस और एसएसटी पर ज्यादा मेहनत करें, क्योंकि 100 में से 50 नंबर का पेपर इन्हीं दो सब्जेक्ट से आएगा.
सागर में पिछले 11 साल से महिंद्रा कोचिंग क्लासेस को संचालित करने वाले सूरज राज बताते हैं कि सिलेबस में कुछ बदलाव किए गए हैं. जिसे समझना बहुत जरूरी है. नए सिलेबस के अनुसार स्टूडेंट साइंस और एसएसटी पर ज्यादा मेहनत करें, क्योंकि 100 में से 50 नंबर का पेपर इन्हीं दो सब्जेक्ट से आएगा. इसके अलावा हिंदी, अंग्रेजी और मैथ्स से सवाल पूछे जाएंगे. अगर आपका साइंस और एसएसटी अच्छे से निकल गया, और कुछ-कुछ नंबर हिंदी, अंग्रेजी, मैथ्स से आ गए तो आपका एग्जाम क्लियर हो जाएगा.
टीचर बताते हैं कि कुछ लोगों के लिए 25 दिन का और 30 दिन का समय इसके लिए है. ऐसे में उनके द्वारा बनाए गए मास्टर प्लान को बच्चे फॉलो कर सकते हैं. इसमें शुरुआती 10 दिन में कॉन्सेप्ट बिल्डिंग प्लस, एनसीईआरटी पर फोकस करें, इसमें बायोलॉजी मैथ्स और फाउंडेशन को समझें. 11 से 20 दिन तक वह लैंग्वेज पर फोकस करें, जिसमें हिंदी और अंग्रेजी में जो ग्रामर वाला पोर्शन है. उस पर फोकस करें. 21 से 25 वें दिन तक SST सामाजिक विज्ञान पर फोकस करें. 26 से 30 दिन में जो आपके पास चार दिन का समय रहता है. उसमें रिवीजन और फुल लेंथ मॉक टेस्ट दें तो सिलेक्शन होगा.
टाइम मैनेजमेंट बहुत जरूरी चीज
इसके अलावा टाइम मैनेजमेंट भी बहुत महत्वपूर्ण चीज होती है. इसमें कम से कम बच्चे को 6 से 8 घंटे पढ़ाई करनी चाहिए, जिसमें सुबह से साइंस पड़े दोपहर में भाषा शाम को सामाजिक विज्ञान और रात में काम से कम एक प्रीवियस क्वेश्चन पेपर का मॉक टेस्ट जरूर लगाएं और फिर उसका एनालिसिस करें. जहां पर जो गलतियां हुई है उनको ठीक करने का प्रयास करें.
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across … और पढ़ें