गुना जिले के चांचौड़ा में एक मां ने अपने बच्चे के साथ-साथ दूसरे के बेटे को बचाने की कोशिश में अपनी जान गंवा दी। मंगलवार को पार्वती नदी में डूबे महिला और बच्चे के शव बुधवार को बरामद किए गए।
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कपड़े धो रही थी महिला, बच्चे नहा रहे थे
रामपुरा गांव निवासी सपना मीणा (40), पत्नी राजेंद्र मीणा, मंगलवार को गांव के पास बहने वाली पार्वती नदी के किनारे कपड़े धो रही थीं। उसी समय उनका बेटा अतुल (12) और गांव का ही अंकित केवट (12), पिता गजराज सिंह, नदी में नहा रहे थे। नहाते-नहाते दोनों बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए।
एक को ग्रामीणों ने बचाया, दूसरा बहने लगा
घटना के दौरान ग्रामीणों ने सपना का बेटा अतुल किसी तरह बचा लिया, लेकिन अंकित बहाव में बहने लगा। उसे डूबता देख सपना मीणा खुद को रोक नहीं पाईं और तुरंत नदी में कूद गईं।
बहाव तेज था, दोनों डूब गए
नदी का बहाव बहुत तेज था। सपना और अंकित दोनों बहते-बहते आगे जाकर डूब गए। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर पहुंची। साथ ही SDERF ( को भी बुलाया गया।
पहले महिला का शव घटनास्थल से 70 मीटर दूर मिला।
रात में रोकनी पड़ी सर्चिंग
SDERF की टीम शाम को पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया, लेकिन अंधेरा हो जाने के कारण सर्चिंग रोकनी पड़ी। बुधवार सुबह फिर से रेस्क्यू शुरू किया गया।
70 मीटर दूर मिला महिला का शव
बुधवार सुबह करीब 10:45 बजे सपना मीणा का शव घटनास्थल से लगभग 70 मीटर दूर नदी में मिला। इसके बाद दोपहर करीब 3:30 बजे अंकित का शव भी 50 मीटर की दूरी पर मिला। टीम ने दोनों शवों को बाहर निकालकर चांचौड़ा अस्पताल पहुंचाया।

बच्चे का शव घटनास्थल से 50 मीटर दूर मिला।
लोग बोले- मां की ममता से बढ़कर कुछ नहीं
चांचौड़ा अस्पताल में दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम किया गया। इसके बाद उन्हें परिजनों को सौंप दिया गया। गांव के मुक्तिधाम में दोनों का अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम विदाई के समय पूरा गांव गमगीन था। हर किसी की आंखें नम थीं और एक ही बात दोहरा रहे थे – “एक मां की ममता से बढ़कर कुछ नहीं।”