चार अलग-अलग भागों में तैयार होगा स्टेडियम, 68 करोड़ से लगेंगी कुर्सी
.
तकरीबन 71 साल पहले ‘श्रमदान’ से तैयार किए गए मोतीलाल नेहरू स्टेडियम के अपग्रेडेशन के काम में पुलिस मुख्यालय के अफसरों ने कुछ बदलाव किए हैं। डीटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) में पहले जनरल प्रैक्टिस के लिए सिंडर ट्रैक बनाया जाना था, अब यह 8 लेन सिंथेटिक ट्रैक बनेगा। इसके बनने से भोपाल का यह स्टेडियम नेशनल और इंटरनेशनल गेम्स की मेजबानी भी कर सकेगा।
इसके लिए करीब 5 करोड़ रुपए अतिरिक्त खर्च करने पड़ेंगे। हालांकि, अफसरों का कहना है कि कॉन्ट्रेक्टर ने यह टेंडर बिलो रेट पर उठाया है, इसलिए अलग से इसके लिए बजट देने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
मप्र पुलिस हाउसिंग एंड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन इस स्टेडियम के अपग्रेडेशन समेत अन्य निर्माण कार्य पर करीब 32.52 करोड़ रुपए खर्च कर रहा है। स्टेडियम का निर्माण चार अलग-अलग भागों में किया जाना है। स्टेडियम की बिल्डिंग पर 16.75 करोड़ रुपए, फुटबॉल स्टेडियम पर 41 लाख रुपए और एथलेटिक्स ट्रैक के लिए 51 लाख रुपए खर्च करने की योजना है।
करीब 68.80 लाख रुपए में यहां स्टेडियम की चेयर लगाई जाएंगी। एग्जीक्यूटिव इंजीनियर पुलिस हाउसिंग जयदीप सैनी का कहना है कि यह पूरा निर्माण कार्य जून 2026 में पूरा किए जाने का टारगेट है। लेकिन हम काम 26 जनवरी तक पूरा कर लेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 14 फरवरी 2013 को इस स्टेडियम के निर्माण की घोषणा की थी।
फिर देश की पुलिस ईकाइयों के लिए मेजबान होगा भोपाल
पुराने स्टेडियम को 1954 में जिला स्तरीय पुलिस प्रतियोगिताओं के लिए बनाया गया था। फिलहाल यहां मप्र के जोन स्तर की पुलिस ईकाइयों के लिए खेल प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती रही हैं। स्टेडियम का अपग्रेडेशन होने के बाद यहां देश की सभी पुलिस ईकाइयों के लिए प्रतियोगिताएं होने लगेंगी। यानी नेशनल-इंटरनेशनल एथलेटिक प्रतियोगिताओं की मेजबानी भोपाल करने लगेगा।
हजार वाहनों की पार्किंग हो सकेगी, एंट्री भी बदलेगी
अभी यहां 100 वाहन पार्क करना भी मुश्किल हो जाता है। नई पार्किंग करीब एक हजार वाहनों के लिए बनाई जानी है। मोतीलाल नेहरू स्टेडियम में मौजूदा एंट्री आम बागान के सामने से होती है। नए डिजाइन के तहत यह एंट्री शहीद स्मारक चौराहा के पास से होगी।
दो वीवीआईपी बॉक्स, मुख्यमंत्री या विशिष्ट अतिथि यहां बैठेंगे
नए स्टेडियम में दो वीवीआईपी बॉक्स भी बनाए जा रहे हैं, जिनमें बैठकर मुख्यमंत्री या अन्य वीवीआईपी यहां होने वाले मैच का आनंद ले सकेंगे। टफन ग्लास लगे इन दोनों बॉक्स में अन्य भौतिक सुविधाएं भी शामिल की जा रही हैं। ये बॉक्स एंट्री-एग्जिट लेन के दोनों ओर बनाए जाएंगे।
8 लेन होगा 400 मीटर ट्रैक
टीनशेड में बने इस स्टेडियम का ग्राउंड एक फुटबॉल स्टेडियम जितना बड़ा है। 400 मीटर का ट्रैक है, जिसे परेड और दौड़ के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस ट्रैक को भी अब 8 लेन किया जा रहा है, यानी एक बार में 8 धावक एक साथ दौड़ सकते हैं। फिलहाल यहां 400 लोगों के बैठने की क्षमता है, जिसे बढ़ाकर 4300 किया जा रहा है।
3960 वर्ग मीटर में नए सिरे से बनेगा शहीद स्मारक स्टेडियम के साथ ही शहीद स्मारक को भी नए सिरे से बनाया जा रहा है। पहली योजना में करीब 1800 वर्ग मीटर में बनने वाले शहीद स्मारक के बीच में रेड मुरम डालने की योजना थी। अब इसे करीब 3960 वर्ग मीटर का बनाया जाएगा और सतह में सैंड स्टोन और ग्रेनाइट लगाई जाएंगी। इसके अलावा स्टोन व्यू कटर भी लगाए जाएंगे।
बार-बार खराब होती थी सड़क, अब सीसी होगी विजय द्वार से मोतीलाल नेहरू स्टेडियम तक एक एवेन्यू रोड भी बनाई जाएगी। शहीद स्मारक चौराहा के पास मौजूदा रोड थोड़ी घुमावदार है, जिसके डिजाइन को बदलकर पूरी सड़क को सीधा किया जाना है। 16 फीट ऊंचे इंद्रा मंच से कोई छेड़छाड़ नहीं की जा रही है। पहली योजना में 1200 मीटर लंबी सड़क डामर से बनाने की योजना थी। अब इसे सीमेंट कंक्रीट से बनाया जाएगा।