सीधी जिले के कमर्जी थाना क्षेत्र के चिलरी गांव में शुक्रवार शाम उस वक्त हंगामा मच गया, जब कर्नाटक पुलिस के तीन जवान एक आरोपी को पकड़ने पहुंचे। आरोपी भोला कोरी के खिलाफ कर्नाटक के महिला थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज था।
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ग्रामीणों का कहना है कि कर्नाटक पुलिस ने ना तो स्थानीय पुलिस को सूचित किया और ना ही अपनी वर्दी पहन रखी थी। वह भोला को पकड़कर ले जा रही थी, तभी परिजनों ने उसे छुड़ाकर एक कमरे में बंद कर दिया। जब कमरा खोला तो उसने फांसी लगा ली थी।
शनिवार दोपहर स्थिति उस समय और बिगड़ गई, जब परिजनों ने आरोपी का पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जब तक कर्नाटक पुलिस के जवानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराएंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए कमर्जी थाना पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। बाद में सीधी पुलिस अधिकारियों की मौजूदगी में पोस्टमॉर्टम किया गया और शव परिजनों को सौंप दिया गया।
इस घटना के बाद पूरे गांव में कर्नाटक पुलिस की कार्रवाई को लेकर भारी गुस्सा है। लोग इस बात पर सवाल उठा रहे हैं कि आखिर बिना स्थानीय पुलिस को जानकारी दिए और सिविल ड्रेस में दबिश क्यों दी गई।
इस मामले पर चुरहट एसडीओपी आशुतोष द्विवेदी ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंच गया था। उन्होंने कहा कि परिजनों के आरोपों की जांच की जा रही है। इसमें जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
