‘भोपाल केवल मुसलमानों का नहीं, MP में सही इतिहास पढ़ाएं…’ भाजपा सांसद ने इनको बता दिया देशद्रोही

‘भोपाल केवल मुसलमानों का नहीं, MP में सही इतिहास पढ़ाएं…’ भाजपा सांसद ने इनको बता दिया देशद्रोही


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MP Politics: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के सांसद आलोक शर्मा ने ऐसे समय में बड़ा बयान दिया, जब प्रदेश में इतिहास की किताबों में बदलाव को लेकर बवाल मचा हुआ है…

'भोपाल केवल मुसलमानों का नहीं...', भाजपा सांसद ने किसको बता दिया देशद्रोही?सांसद आलोश शर्मा.
Bhopal News: NCERT के बाद अब मध्य प्रदेश के स्कूलों में ‘सही इतिहास’ पढ़ाने की मांग जोर पकड़ रही है. भोपाल के भाजपा सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा बयान दिया है. कहा, भोपाल केवल मुसलमानों और अल्पसंख्यकों का शहर नहीं है. भोपाल का 1000 साल पुराना गौरवशाली इतिहास है. आगे कहा, “भोपाल अशोक का है, भोपाल चंद्रगुप्त मौर्य का है, भोपाल राजा भोज का है, परमार वंश का है, रानी कमलापति का भोपाल है.”

भोपाल के अंतिम नवाब तो…
सांसद ने दावा किया कि भोपाल में 700 साल का कालखंड हिंदू शासकों का रहा है. उसके बाद बेगम और नवाब आए, जिन्होंने शहर में रशीदिया स्कूल, हमीदिया स्कूल और हमीदुल्लाह के नाम पर संस्थान बनवाए. शर्मा ने भोपाल के अंतिम नवाब हमीदुल्लाह खान को देशद्रोही तक करार दिया. उन्होंने कहा, “पूरे रिकॉर्ड हमारे पास हैं. हमीदुल्लाह जिन्ना के समर्थक थे. हैदराबाद, जूनागढ़ के नवाबों की तरह भोपाल को पाकिस्तान में विलय कराना चाहते थे.” उन्होंने मांग की कि अब नया इतिहास पढ़ाया जाए और इन नवाबों के नाम पर रखे गए संस्थानों के नाम बदले जाएं.

ताकि आने वाली पीढ़ी पढ़े सच्चा इतिहास
सांसद ने देश के विभाजन पर भी कांग्रेस को घेरा. उन्होंने कहा, “इस देश का विभाजन मुस्लिम लीग के कहने पर, ब्रिटिश सरकार के इशारे पर, जिन्ना और कांग्रेस के कारण हुआ. कांग्रेस ने वोट के चक्कर में अखंड भारत को खंड-खंड कर दिया. आने वाली पीढ़ियों को यह सच्चा इतिहास पढ़ाया जाना चाहिए.”

इतिहास पर जोर…
सांसद शर्मा का ये बयान ऐसे समय में आया है, जब मध्य प्रदेश में इतिहास की किताबों में बदलाव की चर्चा जोरों पर है. विपक्ष ने इसे राजनीतिकरण बताते हुए आलोचना की है, जबकि भाजपा इसे ‘सच्चाई की बहाली’ करार दे रही है.

कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा की…
वहीं, कांग्रेस के नए जिलाध्यक्षों की सूची पर मचे बवाल पर भी सांसद शर्मा ने तंज कसा. उन्होंने कहा, “कांग्रेस गुटों में बटी हुई है. इसमें कोई नई बात नहीं. कांग्रेस में जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं का आकलन नहीं होता. जैसे ही सूची आई, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा हुई. कांग्रेस विसर्जन की ओर बढ़ गई है. कांग्रेस को आत्मचिंतन करना चाहिए. सोचना चाहिए कि आखिर हम क्या कर रहे हैं.” उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी पर आरोप लगाया कि उन्होंने अपने समर्थकों को तरजीह दी और वरिष्ठों को किनारे कर दिया.

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‘भोपाल केवल मुसलमानों का नहीं…’, भाजपा सांसद ने किसको बता दिया देशद्रोही?



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