अर्चना इंदौर से रवाना हुई और भोपाल के रानी कमलापति स्टेशन तक पहुंची, लेकिन इसके बाद ट्रेन में दिखाई नहीं दी. उसका बैग उमरिया स्टेशन पर मिला, लेकिन वह खुद कहां गई. इसका पता नहीं चल सका.
मंगल नगर, कटनी की निवासी अर्चना, वर्तमान में इंदौर में रहकर सिविल जज की परीक्षा की तैयारी कर रही थी. साथ ही वकालत भी कर रही थी. ट्रेन में सफर के दौरान परिवार वालों से आखिरी बार उसकी बात सुबह 10:15 बजे हुई थी. तब ट्रेन भोपाल के आसपास थी. इसके बाद से उसका मोबाइल फोन बंद था.
उमरिया में मिला बैग
परिजनों ने जब कटनी स्टेशन पर उसका इंतजार किया और वह नहीं पहुंची, तो तत्काल तलाश शुरू की गई. परिजन ने उमरिया स्टेशन पर मौजूद रिश्तेदारों को सूचना दी. जब रिश्तेदारों ने ट्रेन का इंतजार किया तो उन्हें युवती का बैग उमरिया में मिला, लेकिन अर्चना नहीं मिली. ट्रेन के अन्य यात्रियों ने बताया कि वह इंदौर से भोपाल तक ट्रेन में देखी गई थी लेकिन भोपाल के बाद ट्रेन में वह मौजूद नहीं थी.
राम तोमर से थे संबंध
राम तोमर ने अपनी आईडी और मोबाइल से अर्चना के लिए इंदौर से कटनी टिकट भी बुक किया था. सूचना मिलते ही कटनी जीआरपी व इंदौर पुलिस ग्वालियर में आ गई है. आरक्षक राम तोमर को निगरानी में लेकर पूछताछ की गई है. जिस पर राम तोमर ने कुबूल किया है कि अर्चना दो साल से उसके टच में थी. उसने उसका टिकट कराया था, लेकिन वह आई नहीं थी.
12 दिन बाद मिला सुराग
वहीं पुलिस को अब पता लगा है कि लापता होने के 12 दिन बाद मंगलवार सुबह छात्रा ने अपनी मां को कॉल किया है और खुद के ठीक होने की बात कही है. वहीं छात्रा के परिवार के करीबी कटनी युवा कांग्रेस नेता देवांशु मिश्रा ने भी मां से बात होने की पुष्टि की है. हालांकि, परिजन यह तो कह रहे हैं कि उम्मीद है जल्दी मिल जाएगी, लेकिन बातचीत की पुष्टि नहीं कर रहे हैं. अब पुलिस छात्रा की लोकेशन ट्रेस कर रही है.