जनता जाग गई है, उनका नेरेटिव नहीं चलेगा, जानें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने क्यों कहा ऐसा

जनता जाग गई है, उनका नेरेटिव नहीं चलेगा, जानें मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने क्यों कहा ऐसा


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Indore News: मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. विपक्ष को टारगेट करते हुए उन्होंने कहा कि गैर जिम्मेदार विपक्ष केवल आरोप लगाता है और भाग जाता है, जबकि जिम्म…और पढ़ें

जनता जाग गई है, उनका नेरेटिव नहीं चलेगा, कैलाश विजयवर्गीय ने क्यों कहा ऐसामंत्री कैलाश विजयवर्गीय का बड़ा बयान.
मिथिलेश गुप्ता

इंदौर. मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि देश में दो तरह का विपक्ष होता है. एक जिम्मेदार और दूसरा गैर जिम्मेदार. उन्होंने कहा कि गैर जिम्मेदार विपक्ष केवल आरोप लगाता है और भाग जाता है, जबकि जिम्मेदार विपक्ष जवाबदेही के साथ जनता की आवाज उठाता है. भाजपा भी लंबे समय तक विपक्ष में रही और उस दौरान उसने जिम्मेदार विपक्ष की भूमिका निभाई, लेकिन आज देश के सामने ऐसा विपक्ष है जो केवल आरोप लगाने और भ्रम फैलाने का काम करता है.

राहुल गांधी को घेरते हुए विजयवर्गीय ने कहा कि राहुल गांधी सिर्फ नेरेटिव बनाते हैं. लोकसभा में उन्होंने कहा कि संविधान खत्म हो रहा है. यह सिर्फ एक बनाया गया नैरेटिव था, लेकिन अब जनता पूरी तरह जाग चुकी है और उनका नेरेटिव नहीं चलेगा.

इंदौर में दिया था बड़ा बयान

स्वतंत्रता दिवस पर इंदौर पहुंचे नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने एक बड़ा बयान देकर राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी थी. उन्होंने 15 अगस्त 1947 को मिली आज़ादी को “कटी-फटी आज़ादी” बताते हुए “अखंड भारत” का संकल्प दोहराया था. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस की नीतियों पर कटाक्ष किया और मौजूदा केंद्र सरकार की सैन्य कार्रवाइयों की सराहना की थी.कैलाश विजयवर्गीय के इस बयान पर विपक्षी दलों ने तीखी प्रतिक्रिया दी. कांग्रेस ने उनके बयान को “गैर-जिम्मेदाराना” और “इतिहास को तोड़ने-मरोड़ने वाला” बताया. कांग्रेस के प्रवक्ता ने कहा कि 1947 की आज़ादी को कम आंकना उन सभी स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है, जिन्होंने देश के लिए अपना जीवन न्योछावर कर दिया. वहीं, बीजेपी के कुछ नेताओं ने विजयवर्गीय का बचाव करते हुए कहा कि उनका मतलब “अखंड भारत” के सपने से था, जो कई भारतीयों के मन में है.

कैलाश विजयवर्गीय ने कहा था कि 15 अगस्त, 1947 को हमें वैसी आज़ादी नहीं मिली, जिसकी कल्पना भगत सिंह और अन्य स्वतंत्रता सेनानियों ने की थी. उन्होंने कहा, “यह ‘कटी-फटी आज़ादी’ थी. कई स्वतंत्रता सेनानियों ने जो सपना देखा था, वह आज भी अधूरा है. हम एक ऐसे भारत की कल्पना करते हैं, जिसमें भारत माता के दो टुकड़े न हों.

Preeti George

Preeti George is lead content writer at hindi.news18.com having experience of more than 5 years in digital media. After completing her masters from Kushabhau Thakre Journalism university, she worked in various …और पढ़ें

Preeti George is lead content writer at hindi.news18.com having experience of more than 5 years in digital media. After completing her masters from Kushabhau Thakre Journalism university, she worked in various … और पढ़ें

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