पृथ्वी शॉ के दिन फिरने वाले हैं, टीम बदलते ही किया टनाटन प्रदर्शन

पृथ्वी शॉ के दिन फिरने वाले हैं, टीम बदलते ही किया टनाटन प्रदर्शन


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पृथ्वी शॉ ने महाराष्ट्र के लिए डेब्यू मैच में तगड़ा प्रभाव छोड़ा है. उन्होंने बूची बाबू टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ के खिलाफ मैच में शतक लगा दिया है. मंगलवार, 19 अगस्त को चेन्नई में खेले गए मैच में शॉ ने 122 गेंदों म…और पढ़ें

पृथ्वी शॉ के दिन फिरने वाले हैं, टीम बदलते ही किया टनाटन प्रदर्शनपृथ्वी शॉ ने महाराष्ट्र के लिए डेब्यू मैच में बनाया शतक
नई दिल्ली. जैसे हर दिन इतवार नहीं होता वैसे ही हर समय एक जैसा नहीं होता. अच्छा वक्त और खराब समय एक ही सिक्के के दो पहलू है और इस बात को समझ कर जो व्यक्ति विपरीप परिस्थिति में डटा रहता है वही समय को बदलने में कामयाब रहता है. जिंदगी के इस सबक को आप क्रिकेट के मैदान पर आम होते देख सकते है क्योंकि हीरो को जीरो और जीरो को हीरो बनने में वक्त नहीं लगता.

कुछ समय पहले की बात है पृथ्वी शॉ को पिछले साल खराब फिटनेस के कारण मुंबई टीम ने ड्रॉप कर दिया था. ड्रॉप होने के बाद उन्होंने मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) की मांग की थी, जिसे स्वीकार भी कर लिया था. खासतौर पर खराब फिटनेस और बढ़ते मोटापे के कारण पृथ्वी शॉ की जमकर आलोचना की गई, पृथ्वी ने इन सब बातों को ताक पर रखकर मेहनत की और शतक  लगाकर अपने आलोचकों को करारा जवाब दिया है.

पृथ्वी शॉ का ‘हिट शो’

कभी जूनियर सचिन की पहचान रखकर बल्लेबाजी करने वाले पृथ्वी शॉ ने महाराष्ट्र के लिए डेब्यू मैच में तगड़ा प्रभाव छोड़ा है. शॉ ने बूची बाबू टूर्नामेंट में छत्तीसगढ़ के खिलाफ मैच में शतक लगा दिया है. मंगलवार, 19 अगस्त को चेन्नई में खेले गए मैच में शॉ ने 122 गेंदों में अपना शतक पूरा किया. उनके इस शतक ने महाराष्ट्र की टीम को मुसीबत से उबारा क्योंकि उनकी टीम ने अच्छी शुरुआत के बाद महज 16 रनों के भीतर 4 विकेट गंवा दिए थे. इस कठिन परिस्थिति में पृथ्वी शॉ ने एक छोर संभाले रखा और दमदार शतक जड़ा. महाराष्ट्र ने एक समय सिर्फ 86 रनों के स्कोर पर चार विकेट गंवा दिए थे. इसलिए पृथ्वी शॉ के शतक का प्रभाव दोगुना रहा, क्योंकि उन्होंने अपनी टीम को चार विकेट गिरने के बाद संकट की स्थिति से उबारा. शॉ ने अपनी पारी में 14 चौके और एक छक्का लगाया और मैदान में चारों ओर रन बनाए.

पृथ्वी शॉ का इंटरनेशनल करियर

. पृथ्वी शॉ ने आखिरी बार 2021 में भारत के लिए कोई क्रिकेट मैच खेला था. उन्होंने 5 टेस्ट मैचों में 339 रन बनाए, जिनमें एक शतक और 2 फिफ्टी शामिल हैं. इसके अलावा 6 वनडे मैचों में उनके नाम 189 रन हैं. पृथ्वी शॉ ने 2018 में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया था, जिसमें उन्होंने अपने पहले ही मैच में शतक बनाया था. वह 18 साल और 319 दिन की उम्र में, टेस्ट में पदार्पण पर शतक बनाने वाले सबसे कम उम्र के भारतीय बल्लेबाज बने थे. 2021 के बाद से वह भारतीय टीम से बाहर हैं, और 2025 में उन्हें रणजी टीम से भी ड्रॉप कर दिया गया. किस्मत ने पृथ्वी को दोबारा मौका दिया है और इस प्रतिभाशाली बल्लेबाज को कोई चूक नहीं करना चाहिए.

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