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Baghelkhand Food: बघेलखंड अपने ख़ान पान और स्वाद के लिए भी जाना जाता है. इन्हीं खास व्यंजनों में एक नाम है रसाज जिसे यहां के लोग पनीर टिक्का भी कहते हैं. जानें इसकी रेसिपी…
परंपरा में छिपा स्वाद का राज
रसाज बघेलखंड की खानपान परंपरा का अहम हिस्सा है. शादी-ब्याह, त्योहार या फिर घर में किसी खास अवसर पर जब थाली में रसाज परोसा जाता है तो मेहमानों का स्वागत और भी खास हो जाता है. इसका खट्टा-मीठा स्वाद और कुरकुरी परत इसे पनीर टिक्के जैसा आकर्षण देता है. यही वजह है कि इसे देखकर और चखकर लोग हमेशा इसकी तारीफ करते नहीं थकते.
स्थानीय निवासी मीना द्विवेदी बताती हैं, रसाज बनाना बेहद आसान है. सबसे पहले एक कटोरी बेसन में नमक, हल्दी और चिली फ्लेक्स डालकर घोल तैयार किया जाता है. फिर इसे मोटे तले वाली कड़ाही में तेज आंच पर चलाते हैं. जब घोल पेस्ट बनने लगे और कड़ाही से चिपकने लगे तो समझ लीजिए कि बेसन तैयार हो चुका है. इस मिश्रण को प्लेट में फैलाकर ठंडा किया जाता है और फिर टुकड़ों में काटकर आकार दिया जाता है.
कुरकुरे रसाज की अंतिम तैयारी
रसाज का असली स्वाद तभी आता है, जब इन्हें सरसों के तेल में फ्राई किया जाए. सुनहरी और कुरकुरी परत तैयार होते ही इसे चटनी या सॉस के साथ परोसा जाता है. बाहर से कुरकुरा और अंदर से मुलायम यह व्यंजन हर किसी को पनीर टिक्के की याद दिलाता है.
हर मौके पर खास
रसाज सिर्फ एक डिश नहीं, बल्कि बघेलखंड की संस्कृति और परंपरा का हिस्सा है. इसका स्वाद और इसकी आसान विधि इसे घर-घर तक पहुंचाती है. यही वजह है कि आज भी यह व्यंजन हर खास मौके की थाली में अपनी खास जगह बनाए हुए है.