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Public Opinion: प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग विधेयक को मंजूरी दी. Dream11 और माय 11 सर्कल जैसे एप्स पर खतरा है. विधेयक पास होने पर ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी दंडनीय अपराध होगा. ऐस…और पढ़ें
देश में युवा पीढ़ी को बरबाद करने वाली ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी को दंडनीय अपराध बनाने की दिशा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में मंगलवार को कैबिनेट बैठक हुई. कैबिनेट ने ऑनलाइन गेमिंग विधेयक को हरी झंडी दे दी, जिसे अब संसद में चालू सत्र में ही पेश किए जाने की संभावना है.
लोकल 18 से बात करते हुए युवा रुद्र प्रताप सिंह ने कहा कि आज के दौर में 12 से 15 साल के युवा ऑनलाइन गेमिंग और सट्टेबाजी में फंसते जा रहे हैं. खास तौर पर ऑनलाइन सट्टेबाजी में फंसकर अपने माता-पिता का बैंक अकाउंट खाली करते जाते हैं. साथ ही सट्टेबाजी यूथ को मानसिक रूप से भी तोड़ रहा है और सीधे तौर पर क्राइम को प्रमोट करने का काम कर रहा है. आज के समय में ऑनलाइन गेमिंग कई लोगों के लिए मनी लॉन्ड्रिंग का जरिया भी बनते जा रहा है.
युवा शॉर्टकट तरीके से पैसा कमाने के चक्कर में लगा
रूद्र ने कहा कि संसद में 45 50 साल के लोग बैठे हैं, जिन्हें यह नहीं पता होता कि ऐसी बहुत सी चीज हैं. जो युवा वर्ग के लिए खतरनाक है और ऑनलाइन धड़ल्ले से चल भी रही है. एक अन्य युवा राज शुक्ला ने कहा कि आजकल युवा शॉर्टकट तरीके से पैसा कमाने के चक्कर में सट्टेबाजी में फर्स्ट रहा है. इसमें कहीं ऐसे लोग भी होते हैं जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं होते हैं. मगर कम पैसे में अधिक पैसा कमाने के चक्कर में ऑनलाइन सट्टेबाजी में फंस जाते हैं.
सूत्रों के अनुसार, ऑनलाइन गेमिंग विधेयक 2025 में ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स सहित ऑनलाइन गेम्स को विनियमित करने के लिए एक प्राधिकरण के गठन का प्रस्ताव रखा गया है. इसके बाद अब ऐसे विज्ञापनों पर भी बैन लगेगा, जो ऑनलाइन मनी गेम खेलने को प्रोत्साहन देते हैं. साथ ही बैंक एवं संबंधित संस्थाओं के लिए ऐसे धन के हस्तांतरण को भी अपराध बनाने का प्रस्ताव है.