सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) के प्रसूता वार्ड से एक महिला ने अपनी बुजुर्ग मां के साथ मिलकर 5 दिन का बच्चा चुराया था। बेटे की चाह में वह अस्पताल पहुंची थी और नवजात को पलंग पर अकेला पाकर उसे ले भागी।
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पुलिस ने महिला को पकड़ा तो वह बोली- मुझे बच्चा चाहिए, मारना है तो जान से मार दो। पुलिस ने मां-बेटी को पकड़ा जेल भेज दिया है। उनके गिरफ्त में आने पर बच्चा चुराने की कहानी सामने आई।
दैनिक भास्कर ने पुलिस और पीड़ित परिवार से बात कर पूरे घटनाक्रम को जाना…
9 को ऑपरेशन से बच्चा हुआ, 14 को चोरी
बम्होरी रेंगुवा की रहने वाली सोमती पति श्री राम आदिवासी को 8 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर परिवार ने बीएमसी अस्पताल में भर्ती कराया था। 9 अगस्त को सीजर से उसने एक बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद जच्चा-बच्चा दोनों को प्रसूता वार्ड में थे।
14 अगस्त को सुबह करीब 9 बजे सोमती की सास उसके लिए चाय लेने चली गई। सास के जाने के कुछ देर बाद बच्चे को पलंग पर लिटाकर सोमती बाथरूम चली गई। सोमती और सास दोनों जब वार्ड में पहुंचीं तो बच्चा पंलग पर नहीं था। आस-पड़ोस से पूछा तो उन्होंने बताया कि दो महिलाएं वार्ड में आई थीं, वो बच्चे को लेकर गई हैं। इस पर परिवार ने तत्काल अस्पताल प्रबंधन और पुलिस को सूचित किया।
पुलिस ने खोजबीन शुरू की और सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज में एक महिला बच्चे को गोद में लेकर अस्पताल से बाहर जाती दिखाई दी, जबकि एक बुजुर्ग महिला उसके पीछे कुछ सामान लेकर चलती दिखी। वार्ड वालों को दिखाया तो उन्होंने पहचान कर दी। पुलिस ने इसी सुराग के आधार पर महिलाओं की तलाश शुरू की।

बच्चा चोरी करने के बाद जाती हुईं मां-बेटी (लाल घेरे में)।
बच्चा तलाशने 100 पुलिसकर्मियों की अलग-अलग टीम बनी
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलेभर में नाकेबंदी करवा दी गई। 100 पुलिसकर्मियों को टीम बनाकर जांच बच्चे को तलाशने में लगा दिया गया। कंट्रोल रूम की टीम ने बीएमसी से लेकर बस स्टैंड तक के कैमरों के फुटेज खंगाले। टीमों ने लोगों के घर और दुकानों पर लगे कैमरों को देखा। बस स्टैंड के पास लगे सीसीटीवी में नजर आया कि अस्पताल से बच्चे को लेकर जाने वाली महिलाएं सागर से छतरपुर जाने वाली बस में बैठी हैं। उनके पास बच्चा भी नजर आया। सूचना मिलते ही पुलिस ने बस स्टैंड पहुंचकर बस की जानकारी निकाली और बस के कंडक्टर का नंबर खंगाला।
नंबर मिलते ही कंडक्टर से बात की और बस में महिलाओं के होने की पुष्टि की। कंडक्टर से संपर्क साधे रखा, लेकिन महिलाओं को शक नहीं होने दिया। बंडा, कर्रापुर, सागर की पुलिस टीम बस के पीछे लगी। टीम ने बस को कर्रापुर में रोका। यहां दोनों महिलाएं बच्चे के साथ बस मिल गईं।

सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज (बीएमसी) से 5 दिन का बच्चा चोरी हुआ था।
पुलिस के पकड़ते ही बोली- बच्चा चाहिए, मारना है तो जान से मार दो कर्रापुर में पुलिस ने महिला को पकड़ा और बच्चे को कब्जे में लिया। पुलिस की गिरफ्त में आते ही महिला ने कहा- मुझे बच्चा चाहिए, मारना है तो जान से मार दो। पुलिस ने महिला को समझाइश दी और गाड़ी में बैठाकर गोपालगंज थाने लेकर पहुंची। पूछताछ में एक ने गुड्डी बाई (45) और पानबाई (65) निवासी रिछाई शाहगढ़ का होना बताया। पानबाई ने बताया कि गुड्डी उसकी बेटी है।

बच्चा चोरी के मामले में मां-बेटी को गिरफ्तार किया गया है।
5 माह से मायके में रह रही थी, पति को बोलती थी गर्भवती हूं
गुड्डी ने पुलिस को बताया कि करीब 22 साल पहले उसकी शादी बक्सवाहा में हुई थी।, उसकी 15 साल की बेटी है। बेटी होने के बाद वह तीन बार और मां बनी, लेकिन अलग-अलग कारणों से उनकी मौत हो गई। मुझे बेटा चाहिए था। इसलिए पति से झूठ कहा कि प्रेग्नेंट हूं।
5 महीने पहले ससुराल से मायके आ गई और यहां रहने लगी। पति जब भी उसे वापस आने का या लेने आने का कहता- वह उसे गुमराह कर देती थी। बेटे की चाहत की बात उसने पहले ही अपनी 65 वर्षीय मां से साझा किया था, इसलिए मां-बेटी दोनों करीब 4 महीने से इसी प्लानिंग में जुटी थीं कि बच्चा कहां से चोरी किया जाए।
मां और मैं रोज उन जगहों पर रैकी करने लगे, जहां बच्चों को चोरी किया जा सकता था। पति को प्रेग्नेंसी की बात कही थी, इसलिए कम से कम दिन का बच्चा चाहिए था। एक दिन मेरी मां बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज पहुंची। यहां बच्चे की तलाश करने लगी। वह प्रसूता वार्ड में पहुंची, जहां कई नवजात नजर आए। मां और मैंने तय किया कि यहीं से बच्चा चोरी करेंगे।
13 अगस्त को दोनों बीएमसी पहुंची। प्रसूता वार्ड में रैकी की। यहां भर्ती प्रसूता और उनके परिवार वालों से बातचीत कर दोस्ती बढ़ाने की कोशिश की, लेकिन बात नहीं बनी। सोमती का बच्चा पलंग पर अकेला दिखा, जिसे खिलाने के बहाने उठाया और बाहर लेकर चली गईं। इस मामले में गुड्डीबाई के पति से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने कुछ भी बताने से इंकार कर दिया।

बच्चा चोरी हो जाने के बाद अस्पताल परिसर में रोते हुए परिजन।
संभालने का बहाना कर उठाकर ले गई थी बच्चा प्रसूता सोमती की सास मालती रावत ने बताया कि उसके तीन बेटे हैं। 8 अगस्त को प्रसव पीड़ा होने पर बड़ी बहू सोमती को बेटे श्रीराम के साथ बीएमसी में भर्ती कराने लेकर पहुंचे थे। 9 अगस्त को ऑपरेशन से बहू ने बेटे को जन्म दिया। डिलीवरी के बाद बहू को लेवर रूम से बच्चा वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया।
14 अगस्त की सुबह करीब 9 बजे मैं बेटे के साथ बहू के लिए चाय-नाश्ता लेने अस्पताल से बाहर चली गई। बहू के पास मेरी सास भागवाई (79) बैठी हुई थी। सवा 9 बजे के करीब चाय-नाश्ता लेकर वार्ड में पहुंची मेरी सास बाहर गेट के पास बैठी थी। भीतर जाकर देखा तो पलंग खाली थी। न तो बहू थी और न बच्चा।
घबराकर आवाज लगाई तो बहू बाथरूम से बाहर आई। उसने बताया कि बच्चा पलंग पर छोड़कर बाथरूम गई थी। आसपास के लोगों से पूछा तो उन्होंने बताया कि दो महिलाएं बच्चे को खिला रही थीं। खिलाते-खिलाते वह उसे बाहर लेकर गई हैं। महिलाओं को बाहर आकर देखा, लेकिन कहीं नहीं मिली। पुलिस को सूचना दी। तलाश किया। उन्होंने बताया कि उक्त दोनों महिलाएं सुबह से वार्ड में घूम रही थीं। वह बार-बार पलंग के पास आकर बातचीत कर रही थीं।

बरामद कर नवजात को अस्पताल लेकर पहुंची पुलिस और डॉक्टर।
मेरी बच्ची को चुप कराने का बोल रही थीं महिलाएं वार्ड में मौजूद बंडा निवासी अवधेश विश्वकर्मा ने बताया कि पत्नी ने बेटी को जन्म दिया है। वह प्रसूता वार्ड में भर्ती है। घटनावाले दिन बच्ची मां के साथ थी। वह रो रही थी, तभी दो महिलाएं आईं और बोली कि मैं चुप करा देती हूं। इस पर पत्नी ने कहा कि मैं चुप करा लूंगी। आप जाओ। वह आगे चली गईं। वह हमारे पलंग से कुछ दूर चली गईं। कुछ देर बाद पता चला कि वो 5 दिन के बच्चे को लेकर भाग गई हैं।
