मुझे किसी की दया नहीं चाहिए… शतक जड़ने के बाद बल्लेबाज गरजा

मुझे किसी की दया नहीं चाहिए… शतक जड़ने के बाद बल्लेबाज गरजा


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Prithvi Shaw Statement: पृथ्वी शॉ का कहना है कि उन्हें किसी की दया नहीं चाहिए. भारतीय टीम से बाहर किए गए पृथ्वी इस समय बुची बाबू टूर्नामेंट में खेल रहे हैं. पहली बार महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए उन्होंने शतकीय…और पढ़ें

मुझे किसी की दया नहीं चाहिए... शतक जड़ने के बाद बल्लेबाज गरजापृथ्वी शॉ खोई प्रतिष्ठा हासिल करना चाहते हैं.
नई दिल्ली. पृथ्वी शॉ ने शतक जड़ने के बाद बड़ा बयान दिया है. भारतीय टीम से इग्नोर किए गए पृथ्वी इनदिनों बुची बाबू टूर्नामेंट में खेल रहे हैं. हाल में मुंबई टीम को छोड़ने वाले इस दाएं हाथ के बल्लेबाज ने अपनी दूसरी घरेलू टीम महाराष्ट्र के लिए शानदार डेब्यू किया है. पृथ्वी ने महाराष्ट्र की ओर से खेलते हुए बुची बाबू इनविटेशनल टूर्नामेंट में शतकीय पारी खेली. उनकी शानदार पारी की बदौलत महाराष्ट्र की टीम छत्तीसगढ़ के खिलाफ 200 रन का आंकड़ा पार कर पाई. पृथ्वी ने शानदार शतक जड़ने के बाद कहा कि उन्हें किसी की दया की जरूरत नहीं है. उन्हें उम्मीद है कि वह अपनी खोयी हुई प्रतिष्ठा हासिल कर सकते हैं.

पृथ्वी शॉ (Prithvi Shaw) ने छत्तीसगढ़ के खिलाफ 111 रन की शानदार पारी खेली. 25 वर्षीय पृथ्वी ने दिन का खेल खत्म होने के बाद कहा, ‘मुझे फिर से जीरो से शुरुआत करने में कोई दिक्कत नहीं है.मैंने इतनी कम उम्र में कई उतार चढ़ाव देख लिए हैं. टॉप से नीचे जाते हुए मैंने खुद को देखा है. लेकिन मैं आपको बताना चाहता हूं कि मैं आत्मविश्वासी लड़का हूं. मुझे खुद पर भरोसा है. उम्मीद करता हूं कि मौजूदा सीजन मेरे और मेरी टीम के लिए अच्छा बीतेगा.’

पृथ्वी शॉ को आईपीएल ऑक्शन में अनसोल्ड रहे
पृथ्वी शॉ को आईपीएल ऑक्शन में अनसोल्ड रहे. इसके बाद उन्हें दलीप ट्रॉफी टीम में भी जगह नहीं मिली. पृथ्वी खुद को साबित करने और फिर से टीम इंडिया में जगह बनाने की जुगत में अलग अलग टूर्नामेंट खेल रहे हैं. इससे पहले वह काउंटी क्रिकेट खेलने लंदन गए थे. हालांकि काउंटी में वह उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन रहीं कर पाए. पृथ्वी इस बात को अच्छी तरह जानते हैं कि उन्होंने अपनी प्रतिष्ठा खो दी है और उसे वापस पाने के लिए शून्य से शुरुआत करनी होगी.

‘ मेरा ध्यान इस समय अंडर 19 के दिनों पर है’
बकौल पृथ्वी शॉ, ‘मेरा ध्यान इस समय अंडर 19 के दिनों पर है. जो चीजें मैं उस समय करता था. अब मैं फिर से उसी को अमल में लाना चाहता हूं. उसी प्रदर्शन से मैंने टीम इंडिया में जगह बनाई. अब मैं फिर से ज्यादा प्रैक्टिस और जिम के साथ साथ दौड़ने पर ध्यान दे रहा हूं.मेरे लिए ये चीजें मुश्किल नहीं हैं क्योंकि मैंने पहले भी इनपर ज्यादा ध्यान दिया है.’

पृथ्वी शॉ के करियर का यह दूसरा पड़ाव है
पृथ्वी शॉ के करियर का यह दूसरा पड़ाव है. अपने पहले पड़ाव में उन्होंने मुंबई के लिए शानदार प्रदर्शन किया. इस प्रदर्शन की बदौलत भारतीय टीम में जगह बनाई और वहां भी अच्छी शुरुआत की लेकिन इसके बाद उनकी गाड़ी पटरी से उतर गई. वह ना सिर्फ भारतीय टीम से बाहर हुए, बल्कि मुंबई की टीम से भी उन्हें बाहर कर दिया गया.

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें

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