सागर जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी में बड़ा खेल हुआ है। यहां उत्पादन से 54 हजार 595 क्विंटल मूंग अधिक खरीदी गई। अब सवाल उठता है कि ये मूंग कहां से आई? इसका जवाब है.. किसानों की बजाय व्यापारियों ने गोदामों में रखी मूंग को समर्थन मूल्य पर बेचकर ज
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इसके लिए व्यापारियों ने खरीदी केंद्र प्रभारियों को 1200 से 1500 रुपए प्रति क्विंटल का कमीशन भी दिया। भास्कर टीम ने उपार्जन के अंतिम दो दिन 7 व 8 अगस्त को इस पूरे खेल की पड़ताल करने व्यापारी बनकर 3 मूंग खरीदी केंद्रों का स्टिंग किया तो तीनों केंद्र प्रभारी बिना पंजीयन व स्लॉट बुकिंग के ही मूंग खरीदने तैयार हो गए। स्टिंग में उन्होंने 1200 से 1500 रु. प्रति क्विंटल कमीशन की बात कही।
कृषि विभाग के मुताबिक सागर जिले में कुल 47 हजार 744 हेक्टेयर में मूंग बोई गई थी। 41 खरीदी केंद्रों पर समर्थन मूल्य 8682 रुपए प्रति क्विंटल पर 2,83,328 क्विंटल मूंग खरीदी गई जबकि इसी दौरान मंडियों में भी 1,43,670 क्विंटल मूंग की खरीदी हो गई।
जिले में कुल 4 ,26,998 क्विंटल मूंग बिक गई जबकि 47 , 744 हेक्टेयर में 7.80 क्विंटल प्रति हेक्टेयर के हिसाब से कुल उत्पादन 3,72, 403 क्विंटल हुआ। मंडी व समर्थन मूल्य पर उत्पादन से 54 हजार 595 क्विंटल मूंग अधिक खरीद ली गई।
समर्थन मूल्य पर 2.83 लाख क्विंटल और मंडियों में 1.43 लाख क्विंटल मूंग खरीदी गई
स्टिंग-1 सेवा सहकारी समिति, ढाना, बडगैंया वेयर हाउस
पंजीयन व स्लॉट के बिना खरीद रहे 7200 रु. प्रति क्विंटल मूंग
रिपोर्टर – मूंग बेचना है लेकिन पंजीयन व स्लॉट बुक नहीं है केंद्र प्रभारी – कितनी है, सैंपल लिए हो। रिपोर्टर – 25.5 क्विंटल है, सैंपल भी है। केंद्र प्रभारी – सैंपल देखने के बाद, आप क्या रेट चाह रहे हो? रिपोर्टर – 8000 रुपए प्रति क्विंटल। केंद्र प्रभारी – इतने में सौदा नहीं होगा रिपोर्टर – आप बता दो क्या रेट दोगे? केंद्र प्रभारी – 7200 रुपए प्रति क्विंटल देंगे। मूंग ले आओ तुरंत नकद भुगतान कर देंगे।
स्टिंग-2 सेवा सहकारी समिति, भैंसा, सरकारी वेयर हाउस
1200 का खर्च आएगा, सर्वेयर लेगा जिसके खाते में डालेंगे वह लेगा
रिपोर्टर – 25.5 क्विंटल मूंग बेचना है पंजीयन व स्लॉट बुक नहीं है। केंद्र प्रभारी – बिक जाएगी, सैंपल ले आओ । रिपोर्टर – क्या रेट बिक जाएगी? केंद्र प्रभारी – 7200 से 7500 तक। सैंपल जैसा होगा तब रेट बता पाएंगे। रिपोर्टर – इतना तो कम है केंद्र प्रभारी – खरीदी केंद्र पर तो इतना ही चलता है। जिसके खाते में डालेंगे वह लेगा। सर्वेयर लेगा। 1000-1200 रुपए तो खर्च आ ही जाता है।
स्टिंग-3 सेवा सहकारी समिति, पनारी, निजी वेयर हाउस
आज अंतिम दिन, 1 हफ्ते पहले आते तो खरीद लेते
रिपोर्टर – मूंग बेचना है। केंद्र प्रभारी – स्लॉट बुक है? रिपोर्टर – स्लॉट बुक नहीं और पंजीयन नहीं है। केंद्र प्रभारी – अब थोड़ी तुल पाएगी। खरीदी के एक-दो दिन तो बचे ही हैं। रिपोर्टर – किसी दूसरे के पंजीयन में तुलवा दो। केंद्र प्रभारी – एक हफ्ते पहले आते तो खरीद लेते, अब गुंजाइश नहीं बची। रिपोर्टर – पहले आते तो क्या रेट मिलता? केंद्र प्रभारी – जिसके पंजीयन में डालते वह 400-500 रुपए प्रति क्विंटल लेता।
सीधी बात – राजेश त्रिपाठी, उपसंचालक कृषि व मूंग उपार्जन नोडल अधिकारी
उपार्जन में गड़बड़ियां होती हैं, सबूत दें एफआईआर कराएंगे
Q. केंद्रों पर बिना पंजीयन के मूंग खरीदी जा रही A- ये गलत है। ऐसा मैंने भी सुना है कि खरीदी केंद्र प्रभारी गड़बड़ी करते हैं।
Q. गड़बड़ी पता है फिर कार्रवाई क्यों नहीं करते? A – कोई लिखित शिकायत नहीं आती। सबूत भी नहीं मिलते वरना कार्रवाई जरूर करेंगे। Q. केंद्र प्रभारियों से बातचीत के वीडियो हैं । A- आप हमें सबूत दे दीजिए। जांच के बाद एफआईआर दर्ज कराएंगे।