आलोट के पास ताल थाना परिसर में गुरुवार शाम करीब 6 बजे गणेश चतुर्थी और डोल ग्यारस जैसे प्रमुख त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए शांति समिति की बैठक हुई। इसमें पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों और आयोजन समितियों को कई
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एएसपी राकेश कुमार खाका और आलोट एसडीओपी पल्लवी गौड़ ने बैठक की अध्यक्षता की। उन्होंने गणेश स्थापना (27 अगस्त) और विसर्जन (6 सितंबर) के साथ-साथ डोल ग्यारस (13 सितंबर) के आयोजनों पर चर्चा की। इस दौरान एडिशनल एसपी ने गणेश पंडाल संचालकों को पंडालों की ऊंचाई और मजबूती सुनिश्चित करने के लिए विशेष निर्देश दिए।
सुरक्षा के मद्देनजर, पुलिस ने कई कड़े नियम लागू किए हैं:
- सभी गणेश पंडालों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य होगा।
- आयोजकों को शपथ पत्र जमा करना होगा।
- झंडों की ऊंचाई और मजबूती का विशेष ध्यान रखना होगा।
- रात के समय प्रतिमा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
- गणेश विसर्जन के दौरान आलोट की शिप्रा नदी और ताल की चंबल नदी पर पुलिस प्रशासन की ओर से कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहेगी।
एसडीओपी पल्लवी गौड़ ने सोशल मीडिया पर भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट नहीं करने क हिदायत दी। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान उत्साह और भक्ति का माहौल बना रहना चाहिए और सुरक्षा में कोई कमी नहीं आनी चाहिए। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में ताल, आलोट और बरखेड़ा के थाना प्रभारी, राजस्व विभाग और नगर परिषद के अधिकारी भी मौजूद थे। सभी ने त्योहारों के सफल आयोजन में सहयोग करने का आश्वासन दिया। स्थानीय नागरिकों और शांति समिति के सदस्यों ने भी त्योहारों को सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने का संकल्प लिया।