Last Updated:
Flood Indicator Temple: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले का 400 साल पुराना लाल देवल शिव मंदिर बाढ़ का संकेत देने के लिए प्रसिद्ध है. जैसे ही ताप्ती नदी का पानी मंदिर में प्रवेश करता है, 24 घंटे बाद गुजरात की निचली…और पढ़ें
क्षेत्र के वरिष्ठ लोगों ने दी जानकारी
लोकल 18 की टीम ने जब राजघाट क्षेत्र के सदाशिव गवले से बात की तो उन्होंने बताया कि यह एक ऐसा मंदिर है कि जो करीब 400 साल पुराना है. शिवजी का मंदिर है इसे लाल देवल मंदिर के नाम से जाना जाता है. इस मंदिर पर लाल रंग लगा हुआ है और यह एक संकेत भी देता है जब भी ताप्ती नदी का जलस्तर बढ़ता है और इस मंदिर में पानी प्रवेश कर लेता है तब गुजरात प्रशासन द्वारा बाढ़ को लेकर अलर्ट जारी कर दिया जाता है और वास्तव में गुजरात की निचली बस्तियों में पानी भी भरना शुरू हो जाता है. इसलिए इस मंदिर को गुजरात का बाढ़ संकेतक मंदिर भी कहा जाता है कई गुजरात में रहने वाले रिश्तेदार बुरहानपुर में रहने वाले अपने रिश्तेदारों से यह जानकारी लेते रहते हैं ताकि उनके घरों में पानी घुसने से पहले वह सचेत हो जाते हैं और अपना सामान सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर देते हैं.
24 घंटे बाद पहुंचता है गुजरात पानी
जानकार बताते हैं कि जब ताप्ती नदी के राजघाट का लाल देवल डूबने लगता है तो यहां से 24 घंटे बाद गुजरात में बाढ़ आ जाती है वहां पर निचली बस्तियों में पानी भरना शुरू हो जाता है. इसलिए लोग 24 घंटे पहले ही पता चलने पर अपने सामान को सुरक्षित स्थान पर रख देते हैं और स्वयं भी सुरक्षित स्थान पर चले जाते हैं जिससे उनका नुकसान भी नहीं होता है.