सीहोर में फसल बीमा योजना को लेकर किसानों का सड़कों पर उतर विरोध जताया। टीलाखेड़ी, मुंगावली छोटी, लसूडिया खास और कोठरी गांव के किसान जल सत्याग्रह पर बैठे गए। किसानों को फसल बीमा क्लेम के नाम पर सिर्फ 100 से 1 हजार 100 रुपए तक की राशि मिली है। जबकि कुछ
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किसानों का कहना है कि एक एकड़ फसल में 25 से 30 हजार रुपए का खर्च आता है। समाजसेवी एम.एस. मेवाड़ा के मुताबिक पिछले 5 सालों से सोयाबीन और गेहूं की फसलें प्राकृतिक आपदाओं से बर्बाद हो रही हैं। ज्यादा बारिश, सूखा और ओलावृष्टि ने किसानों की हालत खराब कर दी है। जबकि प्रशासन की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।
जब तक मुआवजा नहीं, आंदोलन जारी रहेगा किसानों ने अलग-अलग तरीकों से विरोध-प्रदर्शन किया। कुछ ने पेड़ों पर चढ़कर घंटी बजाई। कुछ ने झुनझुना बजाया। महिलाओं ने रैली निकाली। अब किसान नदियों में उतरकर जल सत्याग्रह कर रहे हैं। किसानों की मांग है कि जब तक उचित मुआवजा नहीं मिलेगा,आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि सरकार लाखों किसानों को बीमा राशि देने का दावा कर रही है। लेकिन तीन हेक्टेयर फसल पर सिर्फ 500 रुपए का मुआवजा उनके साथ धोखा है।