दो साल पहले जन्माष्टमी पर डांस के दौरान धक्का लगने पर जानलेवा हमला करने के मामले में रतलाम कोर्ट ने दो अभियुक्त को 7-7 साल की सजा सुनाई है। 11 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। फैसला पंचम अपर सत्र न्यायाधीश श्वेता तिवारी ने दिया है।
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अपर लोक अभियोजन अधिकारी सौरभ सक्सेना ने बताया कि 8 सितंबर 2023 की रात लगभग 10.30 बजे से 11 बजे बजे फरियादी अंश तिवारी अपने भाई हर्ष तिवारी के साथ घर से राम मंदिर कृष्ण जन्माष्टमी का कार्यक्रम देखने गया था। जहां पर विनायक ग्रुप के मटकी फोड़ कार्यक्रम की समाप्ति के बाद फरियादी डांस करने लगा। उसके साथ उसके भाई हर्ष तथा करण राठौर, अर्जुन राठौर और रितेश विश्वकर्मा भी थे।
डांस करते समय जवाहर नगर के सेंटी उर्फ आदित्य नारायण लिंबोदिया पिता आनंद लिंबोदिया निवासी जवाहर नगर को धक्का लग गया। इस कारण सेंटी गालीगलौज करने लगा। फरियादी और उसके भाई ने गाली देने से मना किया। तभी सेंटी व उसका साथी हर्ष उर्फ भय्यु गेहलोत पिता शुभम उर्फ सुभाष गेहलोत उनसे झगड़ा करने लगे। मौके पर मौजूद लोगों ने विवाद को शांत कराया। उसके बाद फरियादी राम मंदिर से जवाहर नगर शीतला माता मंदिर के पास घर जाने के लिए अपनी बाइक लेने जा रहा था।
तभी सामने से हर्ष उर्फ भय्यु और सेंटी आ गए। फिर से विवाद कर मारपीट करने लगे। बीच बचाव करने शिव नगर के रितेश, करण व उसका भाई अर्जुन व अन्य लोग आए। आरोपी हर्ष उर्फ भय्यू ने ने उसकी जेब में से चाकू निकाल लिया। जान से मारने की नीयत से फरियादी के भाई हर्ष तिवारी के सीने में दाहिनी तरफ तथा रितेश विश्वकर्मा के सीने में बाई तरफ चाकू से मारा। फरियादी अंश तिवारी तथा करण एवं अर्जुन भी बीच बचाव करने आए तो अभियुक्त हर्ष गहलोत उनकी तरफ चाकू घुमाने लगा। अंश तिवारी समेत करण व अर्जुन को भी चाकू मारा। थाना औद्योगिक क्षेत्र ने जानलेवा हमले का केस दर्ज किया।
न्यायालय द्वारा दोनों अभियुक्त को भारतीय दंड संहिता 307 तथा 324 के अंतर्गत धारा 307 में 7-7 साल का सश्रम कारावास की सजा सुनाई।