अपर कमिश्नर रोहित सिसोनिया ने शनिवार को गणेश पंडाल समितियों के पदाधिकारियों की बैठक ली।
इंदौर में इस बार पर्यावरण अनुकूल गणेश उत्सव मनाया जाएगा। हर पंडाल 3R की तर्ज पर बनेगा। ईको फ्रेंडली पंडाल का निर्माण करने वालों का सम्मान किया जाएगा। आयोजकों से अपील की गई है कि वे पीओपी से निर्मित मूर्तियों का उपयोग न करें। इसके लिए नगर निगम द्वारा
.
शनिवार को सिटी बस ऑफिस सभागृह में अपर कमिश्नर रोहित सिसोनिया ने गणेश पंडाल समितियों के पदाधिकारियों की बैठक ली। जिसमें उन्होंने समिति पदाधिकारियों से अपील की है कि गणेश उत्सव में 3R (Reduce, Reuse, Recycle) के सिद्धांत पर आधारित पंडालों का निर्माण किया जाए।
पंडाल निर्माण में किसी भी प्रकार से प्लास्टिक और थर्माकोल का उपयोग न किया जाए, क्योंकि यह पर्यावरण के लिए अत्यंत हानिकारक है। इसके स्थान पर सजावट और निर्माण में रीसाइकिल और पुनः उपयोग योग्य सामग्री का प्रयोग किया जाए। शहर में पंडाल निर्माता द्वारा ईको फ्रेंडली पंडाल का निर्माण करने पर उन्हें निगम द्वारा सम्मानित भी किया जाएगा।
पर्यावरण अनुकूल मिट्टी का ही प्रयोग करें अपर कमिश्नर रोहित सिसोनिया ने कहा कि इंदौर सदैव स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण में पूरे देश के लिए आदर्श प्रस्तुत करता आया है। इसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए नगर निगम का संकल्प है कि इस बार का गणेश उत्सव न केवल भक्ति और आस्था का पर्व बने, बल्कि यह पूरे देश में स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी प्रेषित करे। उन्होंने अपील की कि पर्यावरण अनुकूल मिट्टी की गणेश मूर्तियों का ही प्रयोग करें।
पीओपी की मूर्तियों का उपयोग न करें। पंडाल समितियों से यह भी आग्रह किया कि उत्सव के दौरान होने वाले आयोजन और सजावट पूरी तरह से पर्यावरण हितैषी हों तथा विसर्जन के समय भी पारंपरिक विधि के साथ-साथ पर्यावरण को ध्यान में रखा जाए।
नगर निगम का प्रयास नगर निगम का यह प्रयास है कि शहर का प्रत्येक पंडाल आने वाली पीढ़ियों के लिए हरित, स्वच्छ और सतत उत्सव का संदेश लेकर खड़ा हो। निगम को विश्वास है कि समिति पदाधिकारियों, नागरिकों और प्रशासन के सहयोग से इस बार का गणेश उत्सव देशभर में इंदौर की एक अलग पहचान बनाएगा।