टनल में उतरे जलसंसाधन व प्रभारी मंत्री, बोले- तय समय पर काम पूरा करवाएंगे – Ujjain News

टनल में उतरे जलसंसाधन व प्रभारी मंत्री, बोले- तय समय पर काम पूरा करवाएंगे – Ujjain News



निरीक्षण : प्रभारी मंत्री टेटवाल और मंत्री सिलावट ने कार्यों का जायजा लिया

.

30 मीटर नीचे बनाई जा रही टनल को देखने के लिए जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल और जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट शुक्रवार को टनल में उतरे। मंत्री सिलावट ने कहा कि सिंहस्थ 2028 मप्र के लिए एक स्वर्णिम अवसर है। इससे प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय पहचान मिलेगी, उज्जैन विश्व पटल पर विकास के नए मापदंड के साथ पहचान बनाएगा। कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना एक मिसाल कायम करेगी।

स्वच्छता अभियान के अंतर्गत नदी स्वच्छता अभियान के नए मापदंड हम स्थापित करने जा रहे हैं। सिलावट ने अधिकारियों, मजदूरों और कर्मचारियों से कहा कि आपकी यह मेहनत उज्जैन को एक नई पहचान दिलाएगी। निरीक्षण के दौरान नगर निगम सभापति कलावती यादव, संजय अग्रवाल, कलेक्टर रोशनकुमार सिंह मौजूद थे। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी से मिलेगा शिप्रा को पानी: सिंहस्थ के दौरान शिप्रा को प्रवाहमान बनाने के लिए सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी मध्यम सिंचाई परियोजना में 614.53 करोड़ रुपए से काम किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत जिले के सेवरखेड़ी में शिप्रा नदी पर बैराज बनाकर पंपिंग के माध्यम से सिलारखेड़ी जलाशय में पानी एकत्रित कर आवश्यकता अनुसार शिप्रा नदी में प्रवाहित करेंगे। निरीक्षण के दौरान मंत्री सिलावट ने और प्रभारी मंत्री टेटवाल ने मजदूरों का मुंह मीठा कराया। उन्हें अपने हाथों से मिठाई खिलाई।

919.94 करोड़ की कान्ह क्लोज डक्ट परियोजना मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में पर्वों पर, अनुष्ठान के दौरान पानी उपलब्ध कराए जाने के लिए कान्ह नदी पर कान्ह डायवर्सन क्लोज डक्ट परियोजना संचालित की जा रही है। इसकी लागत 919.94 करोड़ रुपए है। इसके अंतर्गत कान्ह नदी के दूषित पानी को 18.5 किलोमीटर कट/कवर और 12 किलोमीटर टनल बनाकर उज्जैन शहर की सीमा के बाहर प्रवाहित किया जाएगा।

सिंहस्थ में अविरल और स्वच्छ पानी से होगा स्नान शिप्रा नदी पर जल संसाधन विभाग की ओर से 9 बैराज बनाए जाएंगे। इसमें उज्जैन जिले में 1, इंदौर जिले में 1 एवं देवास जिले में 7 बैराज शामिल हैं। नगर निगम उज्जैन की ओर से कालियादेह स्टॉप डेम की मरम्मत की जाएगी। साथ ही कान्ह नदी पर 11 बैराज बनाए जाएंगे। सिंहस्थ के लिए जल संसाधन विभाग की 2400 करोड़ रुपए की परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। जल संसाधन मंत्री सिलावट ने कहा कि यह सभी काम जून 2027 तक पूरे कर लिए जाएंगे।

24 घंटे में 5 करोड़ श्रद्धालु कर सकेंगे शिप्रा में स्नान

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गुरुवार को भोपाल में जल संसाधन विभाग की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने शिप्रा शुद्धिकरण, नदी एवं जल निकायों के विकास और घाट निर्माण कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान बताया कि वर्तमान में शिप्रा पर 30 किलोमीटर लंबे घाट बनाए जा रहे हैं। घाट बन जाने के बाद सिंहस्थ के दौरान एक दिन में 5 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर सकेंगे। शिप्रा नदी पर दोनों किनारों पर शनि मंदिर से नागदा बायपास तक 778.91 करोड़ रुपए की लागत से घाट बनाए जा रहे हैं।



Source link