धार की सरदारपुर तहसील से 5 किमी. दूर स्थित प्रसिद्ध जैन तीर्थ भोपावर तक जाने वाला रास्ता बदहाल है। यह रास्ता न केवल भोपावर बल्कि कई और क्षेत्रों को भी जोड़ता है। हर दिन इस सड़क से हजारों वाहन गुजरते हैं। लेकिन खस्ताहाल के कारण इस मार्ग पर हादसे होते
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2 सालों से जर्जर हाल में सड़क सड़क की हालत पिछले दो सालों से जर्जर है। मरम्मत तक नहीं कराई गई। जबकि इस रास्ते से इंदौर, कुक्षी और आसपास के क्षेत्रों के वाहन बड़ी संख्या में गुजरते हैं। खासतौर पर सरदारपुर से रिंगनोद फाटा तक का 4 किमी का हिस्सा पूरी तरह टूट चुका है। जहां जगह-जगह सड़क उखड़ चुकी है। और गड्ढों में तब्दील हो गई।
15 दिन में काम शुरू होने वाल था, महीनों बीते दरअसल, सरकार ने तीन महीने पहले इस मार्ग को टू-लेन बनाने के लिए 175 करोड़ की राशि स्वीकृत की थी। टेंडर प्रक्रिया भी पूरी हो चुकी है, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरु नहीं हुआ है। पिछले महीने लोक निर्माण विभाग के एसडीओ ने एसडीएम को आश्वस्त किया था कि 15 दिनों में कार्य शुरू हो जाएगा, लेकिन एक माह बीतने के बाद भी काम शुरू नहीं हो सका।
रेत से भरे ट्रक हादसों का कारण हर दिन 1000 से अधिक बड़े और छोटे वाहन इस सड़क से गुजरते हैं। बड़वानी और कुक्षी क्षेत्र से बालू से भरे भारी ट्रक रॉयल्टी बचाने के लिए इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसका नतीजा है कि, सड़क दिन-ब-दिन और अधिक खराब होती जा रही है। कई बार वाहन भिड़ते-भिड़ते बचते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन चुप्पी साधे हुए है।
लोगों ने जिला प्रशासन को सौंपे ज्ञापन स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन को कई बार ज्ञापन सौंपे, लेकिन स्थिति जस की तस है। केवल मिट्टी और कच्ची गिट्टी डालकर खानापूर्ति की जा रही है। जिससे धूल और कीचड़ की समस्या और बढ़ गई है। साथ ही वाहन फिसलने की आशंका भी रहती है। थोड़ी बारिश होते ही पूरी सड़क पर कीचड़ हो जाता है।
लोक निर्माण विभाग सरदारपुर के एसडीओ एलएस राठौर इस मामले को लेकर कहा कि सड़क निर्माण के लिए टेंडर हो चुके हैं। निर्माण शुरु करने की स्वीकृति मिलते ही जल्द कार्य शुरू कर दिया जाएगा।