धार जेल में जैन मुनि बोले- नशे से दूर रहें: कैदियों से कहा- गलतियों से सीखें और जीवन में सुधार लाएं – Dhar News

धार जेल में जैन मुनि बोले- नशे से दूर रहें:  कैदियों से कहा- गलतियों से सीखें और जीवन में सुधार लाएं – Dhar News



धार जिला जेल में रविवार को दिगंबर जैन संत उपाध्याय 108 श्री विभंजन सागर जी मुनिराज ने कैदियों को प्रवचन दिया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना से हुई। संघस्थ प्रगति दीदी ने मंगलाचरण प्रस्तुत किया।

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जेल अधीक्षक आरआर दांगी, सहायक जेल अधीक्षक कमल पलासिया, ज्ञानेंद्र त्रिपाठी और समाज अध्यक्ष श्रेणिक गंगवाल ने आचार्य श्री के चित्र पर दीप प्रज्वलन और मुनिश्री का पाद प्रक्षालन किया।

मुनि विभंजन सागर ने कैदियों को जीवन में सुधार का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत अपराध नशे की लत के कारण होते हैं। उन्होंने कैदियों को नशे से दूर रहने की सलाह दी। मुनिश्री ने कहा कि जब तक व्यक्ति अपने अपराध को स्वीकार नहीं करेगा, तब तक सुधार संभव नहीं है।

उन्होंने कैदियों को काम, क्रोध, लोभ और मोह से दूर रहने का सुझाव दिया। भगवान की भक्ति और आत्म-चिंतन से अपराधों से मुक्ति मिल सकती है। मुनिश्री ने कैदियों से रिहाई के बाद समाज और देश के लिए अच्छे कार्य करने का आग्रह किया।

कार्यक्रम में समाज अध्यक्ष ने जेल में खादी वस्त्र निर्माण के लिए हथकरघा स्थापित करने की मांग की। इससे कैदियों को रोजगार मिल सकेगा। कार्यक्रम का संचालन सचिव संजय छाबड़ा ने किया। डॉ कमल जैन का इस आयोजन में विशेष योगदान रहा।



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