मुरैना के सबलगढ़ शक्कर कारखाना चलाओ संघर्ष समिति ने कैलारस में बैठक आयोजित की। समिति ने सहकारी शक्कर कारखाने को एमएसएमई उद्योग में देने के कैबिनेट के निर्णय का विरोध किया है।
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संघर्ष समिति 3 सितंबर से सबलगढ़ से मुरैना तक विभिन्न गांवों में अभियान चलाएगी। समिति सभाएं भी आयोजित करेगी। 12 सितंबर को जिलाधीश कार्यालय पर सत्याग्रह के साथ जेल भरो आंदोलन किया जाएगा। जोरा विधायक पंकज उपाध्याय के अनुसार यह जिले का सबसे बड़ा उद्योग है। सरकार 22 हेक्टेयर जमीन 61 करोड़ रुपए में एमएसएमई को सौंप रही है।
जोरा विधायक ने बनाई विरोध की रूपरेखा।
हजारों किसान इससे जुड़े हैं
मध्य प्रदेश किसान सभा के प्रदेश अध्यक्ष अशोक तिवारी ने कहा कि यह कारखाना डकैत प्रभावित क्षेत्र में विकास और रोजगार के लिए स्थापित किया गया था। इससे हजारों किसान और सैकड़ों श्रमिक परिवार जुड़े हुए हैं।
किसान नेता गयाराम सिंह धाकड़ ने कहा कि सहकारी कारखाने को बंद करने का अधिकार मंत्रिमंडल को नहीं है। उन्होंने इस फैसले को अवैधानिक करार दिया। पूर्व विधायक महेश दत्त मिश्रा ने आंदोलन को मजबूती से चलाने की बात कही। किसान, श्रमिक और आम जनता मिलकर इस निर्णय का विरोध करेंगे।