इंदौर में एमपी का पहला क्रिकेट म्यूजियम: यहां 18वीं सदी से अब तक की 300 दुर्लभ खेल सामग्री; ब्रैडमेन-सचिन के बैट भी रखे – Indore News

इंदौर में एमपी का पहला क्रिकेट म्यूजियम:  यहां 18वीं सदी से अब तक की 300 दुर्लभ खेल सामग्री; ब्रैडमेन-सचिन के बैट भी रखे – Indore News


म्यूजियम में क्रिकेट से जुड़ी दुर्लभ सामग्रियों को संग्रहित किया है।

इंदौर में मध्य प्रदेश का पहला क्रिकेट म्यूजियम शुरू हो गया है। इस म्यूजियम में 18वीं सदी से लेकर अब तक के क्रिकेट इतिहास की तमाम घटनाओं और खेल में इस्तेमाल की गई 300 से ज्यादा दुर्लभ सामग्रियों को रखा है।

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मध्य प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन और ब्लेड्स ऑफ ग्लोरी क्रिकेट म्यूजियम ने 6 साल में म्यूजियम तैयार किया है। जिसका शुभारंभ 7 जुलाई को केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया कर चुके हैं। 15 जुलाई को यह लोगों के लिए ओपन कर दिया है।

तब से लगातार क्रिकेट प्रेमियों का म्यूजियम में आना जारी है। इंदौर में 1 अक्टूबर से महिला वर्ल्ड कप के 5 मैच होना है। 22 अगस्त को ट्रॉफी टूर के तहत वर्ल्ड कप की ट्रॉफी इंदौर पहुंची थी। इसके बाद दैनिक भास्कर क्रिकेट म्यूजियम पहुंचा। हम आपको बताएंगे यहां कौन-कौन सी दुर्लभ खेल सामग्रियां मौजूद हैं।

क्रिकेट की बाइबल के एडिशन भी यहां मौजूद होलकर स्टेडियम में शुरू हुए क्रिकेट म्यूजियम में 18वीं सदी से लेकर 2024 तक का इतिहास है। यहां पर क्रिकेट की बाइबल कहीं जाने वाली विज्डन मैगजीन के स्पेशल एडिशन भी यहां मौजूद है।

यह मैगजीन संजय जगदाले ने एमपीसीए को अपने कलेक्शन से दी है।उनके पास 1952 से लेकर अब तक के महत्वपूर्ण एडिशन हैं। यह मैगजीन ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट को कवर करता था, लेकिन धीरे-धीरे इसमें पूरे वर्ल्ड के क्रिकेटरोंं को जगह देनी शुरू कर दी।

विज्डन मैगजीन, जिसमें 2017 में कवर पेज पर विराट कोहली को रखा गया था।

विज्डन मैगजीन, जिसमें 2017 में कवर पेज पर विराट कोहली को रखा गया था।

डॉन ब्रैडमेन और सचिन का ओरिजनल बैट इंदौर के म्यूजियम में क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सर डॉन ब्रैडमेन और सचिन के क्रिकेट बैट मौजूद हैं। इनसे खेलते हुए उन्होंने कई रिकॉर्ड अपने नाम किए हैं। विराट कोहली की वह शर्ट भी यहां मिलेगी। जिसे उन्होंने इंदौर में खेलते हुए 211 रन बनाए थे मौजूद है। क्रिकेटर शेन वान की शर्ट भी यहां मौजूद है।

इसी तरह सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली और कुंबले द्वारा तमाम रिकार्ड बनाए जाने के दौरान उनकी इस्तेमाल की गई सामग्री मौजूद है। इसी तरह कपिल देव का मंगूस बैट भी यहां है जिससे उन्होंने वर्ल्ड कप में बल्लेबाजी की थी।

सर डॉन ब्रैडमेन ऑस्ट्रेलिया के पूर्व क्रिकेटर हैं। उनके नाम कई रिकॉर्ड दर्ज हैं। ब्रैडमेन ने टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा 99.95 की औसत से रन बनाए हैं। 52 टेस्ट मैचों में उन्होंने 29 शतक लगाए हैं। उस समय वनडे क्रिकेट का चलन नहीं था इसलिए वे वनडे नहीं खेल सके।

सर डॅान ब्रैडमेन और सचिन का यह पुराना फोटो काफी चर्चा में रहा था।

सर डॅान ब्रैडमेन और सचिन का यह पुराना फोटो काफी चर्चा में रहा था।

डेनियस लिली ने एल्यूमीनियम के बैट से खेला, वह भी यहां ऑस्ट्रेलिया के पूर्व खिलाड़ी डेनिस लिली ने सबसे पहले 1979 में इंग्लैंड और ऑस्ट्रेलिया के बीच क्रिकेट की मशहूर एशेज के दौरान एल्यूमीनियम का बैट इस्तेमाल किया था। लेकिन इंग्लैंड के कप्तान माइक ब्रेयरली ने एल्यूमीनियम बैट की शिकायत की और कहा कि इस बल्ले की वजह से गेंद का आकार बिगड़ रहा है।

अंपायर ने डेनिस लिली को समझाया कि इससे गेंद खराब हो रही है, लेकिन लिली अपनी बात पर अड़े रहे। डेनिस लिली ज्यादातर गेंदबाजी ही करते थे लेकिन बैटिंग के समय वे इस बैट से खेला करते थे।

1979 में डेनिस लिली की अपने क्रिकेट बैट के साथ तस्वीर।

1979 में डेनिस लिली की अपने क्रिकेट बैट के साथ तस्वीर।

आईसीसी को बदलना पड़ा नियम दरअसल, उस समय आईसीसी का ऐसा कोई नियम नहीं था कि बल्ला सिर्फ लकड़ी का हो इसलिए डेनिस लिली ने एल्यूमीनियम का बैट बनवा लिया था। वे इसी से खेला करते थे। इस मैच में विवाद के बाद आईसीसी ने अपना नियम बदल दिया और नया नियम बनाया। इस नियम के तहत अब बल्लेबाज सिर्फ लकड़ी का बैट ही इस्तेमाल कर सकता था।

डेनिस लिली का वह बैट, जो म्यूजियम में रखा हुआ है।

डेनिस लिली का वह बैट, जो म्यूजियम में रखा हुआ है।

पुस्तकें और दुर्लभ फोटो भी खास आकर्षण महिला क्रिकेट की फोटो के अलावा क्रिकेट पर लिखी गई तमाम पुस्तकें और दुर्लभ फोटो भी म्यूजियम का खास आकर्षण हैं। वर्ल्ड क्रिकेट और रणजी चैंपियंस ने जिन बल्लों से यादगार पारियां खेली हैं, शतक लगाने के बाद जिन हेलमेट को चूमा, जिन कपड़ों से आज भी उनके परिश्रम की महक आती है, वो सब इस म्यूजियम में देखा जा सकता है।

विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी की टीशर्ट, आवेश खान के शूज, रजत पाटीदार और वेंकटेश अय्यर के बैट भी म्यूजियम में रखे गए हैं।

म्यूजियम में इस तरह से किताबों का संग्रह करके रखा गया है।

म्यूजियम में इस तरह से किताबों का संग्रह करके रखा गया है।

नायडू का लोहे का 30 किलो का किट बैग म्यूजियम में घुसते ही कर्नल सीके नायडू का स्टैच्यू नजर आता है। वह कर्नल की ड्रेस में हैं और उनके पास रखा है 30 किलो वजनी लोहे का किट बैग। इसे उठाने के लिए उन्हें दो लोगों की मदद लेनी पड़ती थी। उनके पुराने बैट, कोट और अन्य सामग्री भी यहां संभालकर रखी गई है। 1983 विश्व कप में उपयोग किया गया बैट भी है, जिससे कपिल देव ने जिम्बाब्वे के खिलाफ 175 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली थी।

कर्नल सीके नायडू का वह किट बैग, जिसे सबसे भारी माना गया।

कर्नल सीके नायडू का वह किट बैग, जिसे सबसे भारी माना गया।

1986 में स्टंप का ओरिजनल टुकड़ा भी म्यूजियम में 1986 में चेत्रई में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए टाई टेस्ट के बाद उसी मैदान पर 2001 में खेले गए री-मैच में इस्तेमाल हुआ स्टंप का टुकड़ा भी रखा गया है। 2008 में टूटा सुरेश रैना का बैट भी इस संग्रह का हिस्सा है। महिला क्रिकेट को भी इस म्यूजियम में विशेष स्थान दिया गया है।

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