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Besan Papdi Kaise Banayen: बघेलखंड की रसोई में जब करारी खुशबू फैलती है तो समझिए बेसन की पापड़ी तैयार हो रही है. त्योहारों, मेलों और सफ़र में यह करारी पापड़ी हर थाली का हिस्सा बन चुकी है.
पीढ़ियों से चली आ रही परंपरा
बेसन की पापड़ी कोई नया पकवान नहीं, बल्कि बघेलखंड की पुरानी परंपरा का हिस्सा है. लोकल 18 से बातचीत में स्थानीय निवासी मीणा द्विवेदी ने बताया, यह व्यंजन पीढ़ियों से घर-घर में बनता आ रहा है. इसका आकर्षण इतना है कि बच्चे हो या बुजुर्ग, हर किसी को यह खासा पसंद आता है.
सबसे पहले 2 कप बेसन और 1 कप आटा लिया जाता है. इसमें नमक, हल्दी, लाल मिर्च, कश्मीरी मिर्च, जीरा, अजवाइन, हींग, पिसी हुई हरी मिर्च और कसूरी मेथी डालकर अच्छे से मिक्स किया जाता है. फिर 2 चम्मच रिफाइन तेल डालकर आटा गूंध लिया जाता है. करीब 10–15 मिनट बाद इसे बेलकर छोटे या बड़े आकार की पापड़ियां बनाई जाती हैं. गर्म तेल में ब्राउन और टाइट होने तक इन्हें तला जाता है और फिर करारी पापड़ी तैयार हो जाती है.
हर मौके पर खास उपयोग
बघेलखंड की इस पापड़ी का स्वाद सिर्फ खाने की थाली तक सीमित नहीं है. लोग इसे सुबह-शाम चाय के साथ स्नैक्स के रूप में खाते हैं. पूजा-पाठ में भोग के रूप में चढ़ाते हैं. लंबे सफर में पैक करके ले जाना भी पसंद करते हैं. सबसे बड़ी खासियत ये कि इसे लंबे समय तक स्टोर किया जा सकता है. यह हर वक्त चटपटे स्वाद का आनंद देने के लिए तैयार रहती है.
लोकल स्वाद की अनूठी पहचान
बेसन की पापड़ी न केवल स्वाद का जायका बढ़ाती है, बल्कि बघेलखंड की सांस्कृतिक पहचान को भी जीवित रखे हुए है. यही वजह है कि यह व्यंजन हर घर में खास स्थान रखता है. आने वाली पीढ़ियों तक यह स्वाद आगे बढ़ता जा रहा है.