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Snake News: धान की लहलहाती बालियों के बीच जहां किसान सुनहरे अनाज की उम्मीद बुन रहे होते हैं, वहीं छिपा रहता है एक ऐसा खतरा जो अचानक सामने आकर जानलेवा साबित हो सकता है.
बरसात और सांपों की मौजूदगी
सर्पमित्र ने बताया, बरसात सांपों के लिए अनुकूल होती है. धान की खेती में यह और भी आम हो जाते हैं. खेतों की नमी और चारा इन्हें आश्रय देता है. किसान जब फसल की देखरेख में खेतों में उतरते हैं तो कई बार उनका सामना सीधे सांपों से हो जाता है. कई घटनाओं में किसानों को सांपों के काट लेने की वजह से तुरंत अस्पताल ले जाना पड़ा है.
धान की फसल में ज्यादातर तीन किस्म के सांप दिखाई देते हैं. इनमें सबसे खतरनाक गेंहुअन है, जिसे स्थानीय भाषा में काला सर्प भी कहा जाता है. इसके काटने से मौत तक हो सकती है. दूसरा खतरनाक सांप करैत, जो छिपकली, मेंढक और कीड़े-मकोड़े खाने खेतों में पहुंचता है. अगर यह दोनों सांप काट लें तो झाड़-फूंक पर भरोसा करने की बजाय तुरंत अस्पताल जाकर एंटी-वेनम लगवाना जरूरी है. वहीं, तीसरा है रैट स्नेक, जो आकार में बड़ा और डरावना दिखता है लेकिन जहरीला नहीं होता.
सतना के खेतों में सांपों का अनुपात
सतना जिले में बरसात के मौसम में धान के लगभग 70% खेतों में रैट स्नेक पाए जाते हैं. इसके अलावा 20% खेतों में गेंहुअन और 10% खेतों में करैत के दिखने की संभावना रहती है. इसका मतलब है कि किसानों को हर बार सावधानी के साथ खेतों में काम करना चाहिए.
क्या करें किसान?
किसानों को धान की फसल के आसपास की मेड़ और चारे की सफाई करनी चाहिए. खरपतवार को हटाने के लिए जरूरत पड़े तो खरपतवारनाशी का उपयोग भी किया जा सकता है. साथ ही खेत में काम करते समय रबर के जूते और मोटे कपड़े पहनना भी सुरक्षा के लिए जरूरी है. वहीं अगर सांप काट ले तो तुरंत नज़दीकी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचें और लोकापवाद से बचे.