एआई से बनाई गई प्रतिकात्मक तस्वीर।
इंदौर में 16 साल की बेटी से रेप के आरोपी सौतेले पिता को जिला कोर्ट ने 5 अलग-अलग धाराओं में उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी पिता ने नाबालिग के साथ चार बार दुष्कर्म किया था।
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खास बात यह है कि इस मामले में पीड़ित की मां अपने बयान से पलट गई। लेकिन कोर्ट ने डीएनए रिपोर्ट को आधार बनाया और कठोर रुख अपनाते हुए आरोपी पिता को सजा सुनाई। कोर्ट ने फैसला 20 अगस्त को सुनाया जो सोमवार को सामने आया है।
ये मामला खुड़ैल थाना क्षेत्र का है। पीड़िता 27 जुलाई 2022 को अपनी मां के साथ थाने पहुंची थी। उसने पिता के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। एडीपीओ वर्षा पाठक के मुताबिक मां संभवत: पति को बचाना चाहती थी, इसलिए बयान बदल रही थी। लेकिन, बालिका का बयान और रिपोर्ट ठोस आधार थी।
शिकायत में पीड़िता ने ये बताया पीड़ित नाबालिग ने पुलिस को की गई शिकायत में बताया था कि मां और पिता चाय की दुकान पर काम करते हैं। जब भी मां अपनी सहेली के यहां जाती थी तो उसका पिता मौका देखकर उसे घर के अंदर बुला लेता था और गलत काम करता था। पिता ने ऐसा गंदा काम चार बार किया।
पीड़िता ने बताया कि पिता धमकी देता था कि अगर उसने मां को इस बारे में कुछ कहा तो वह दोनों के हाथ-पैर तोड़ देगा। एक दिन आरोपी पिता ने बेटी से जमकर मारपीट की। जिसके बाद उसने पुलिस को शिकायत कर दी।
इंदौर जिला कोर्ट ने रेप के दोषी पिता को 5 अलग-अलग धाराओं में उम्रकैद की सजा सुनाई है।
इन धाराओं में दर्ज हुआ था केस पुलिस ने आरोपी पिता के खिलाफ भादंवि की धारा 376(3), 376(2) एन, 506-ए, 323 और लैंगिक अपराधों से बालकों का संरक्षण अधिनियम की धारा 5-एल/6 और 5एन/6 के तहत केस दर्ज किया था।
केस में तीन साल तक चली सुनवाई इस केस की करीब तीन साल तक सुनवाई चली। 20 अगस्त को स्पेशल जज सविता जडिया ने आरोपी पिता को दुष्कर्म और पाक्सो की अलग-अलग 5 धाराओं में दोषी पाते हुए उम्र कैद की सजा सुनाई। इन सभी धाराओं अलग-अलग उम्र कैद की सजा है। इसके साथ ही धारा 323 और 506 में एक-एक वर्ष का सश्रम कारावास और 6 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया हौ। कोर्ट ने 2 लाख रुपए की मुआवजा राशि देने की भी अनुशंसा की है।
मां पलटी, डीएनए रिपोर्ट बनी आधार
- सुनवाई के दौरान पीड़िता की मां खुद बयान से बदल गई। उसने कहा कि पति ने बेटी के साथ छेड़छाड़ की थी। उसने दुष्कर्म से इनकार किया। मामले में जब अभियोजन की ओर से कई बिंदुओं पर क्रॉस किया तो भी वह बयान बदलती रही।
- दूसरी ओर पीड़ित बालिका ने, पिता ने उसके साथ जितनी बार भी दुष्कर्म किया और मारपीट की, उसका पूरा घटनाक्रम बताया। जिसमें कहीं विरोधाभास नहीं था।
- मामले में बाल कल्याण समिति (CWC) के सदस्य के बयान भी काफी अहम रहे। दरअसल, बालिका को रेस्क्यू करने के बाद उसे समिति के समक्ष पेश किया गया था। वहां भी उसने अपनी आपबीती बयां की थी।
- फोरेंसिक और डीएनए रिपोर्ट में दुष्कर्म की पुष्टि हुई। ये दोनों रिपोर्टस मजबूत आधार रही।