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Medical Student Research: डॉक्टर बनने का सपना रखने वाले आकाश को एक दिन अचानक ख्याल आया और उसने ऐसी खोज कर डाली कि आज तीन राज्यों की यूनिवर्सिटी इस रिसर्च में लगी है. आइए जानते हैं पूरी कहानी.
दरअसल, सागर के चौरसिया परिवार में जन्में आकाश के पिता शहर के संजय नगर में करीब एक एकड़ की जगह में परम्परागत रूप से पान की खेती करते थे और पान की खेती करने के लिए इसमें नेट हाउस टाइप के बरेजे सदियों से लगता आ रहे हैं. पान को प्रोटेक्ट करने के लिए एक अलग तरह का ढांचा तैयार किया जाता था. इसे वह देखते आ रहे थे इसके अलावा उन्होंने यह भी देखा कि जब किसी के पास जगह कम होती है तो वह एक के ऊपर एक घर बना लेता है जिन्हें हम मल्टी स्टोरेज बिल्डिंग कहते हैं. तो आकाश ने सोचते हुए एक जमीन पर एक समय में पांच फसले लेने का प्लान तैयार किया और फिर इसमें एक बार ही सिंचाई करते एक बार ही निदाई करनी पड़ती है यानी कि लागत बीज खाद पानी समय एक बार और कमाई बार-बार होती है एक एकड़ से वह 1 साल में 5 से 7 लाख तक का मुनाफा आराम से कमा लेते हैं.
मल्टी लेयर फार्म में उन्होंने स्ट्रक्चर को इस तरह से तैयार किया है कि उसमें पांच तरह की फैसले बड़े आराम से एक ही जगह पर मैंने हो रही है इसमें पूरे खेत में बांस के 6- 6 फीट के डंडे लगते हैं इनमें जीआई तार का जाल बनाते हैं और इस पर सूखी घास डालकर स्ट्रक्चर तैयार करते हैं.
इस तरह की मॉडल में 10 15 दिन से ही इनकम शुरू हो जाती है जिसमें रोजाना की इनकम अलग और जो इकट्ठी फसल की इनकम होती है वह सेफ इनकम के रूप में अलग मिल जाती है.
मल्टी लेयर फार्मिंग के जनक आकाश चौरसिया कहते हैं कि प्री मेडिकल की तैयारी करते समय हमने देखा कि डॉक्टर बन के हम बीमारियों का इलाज तो कर देंगे लेकिन जो नई-नई बीमारियां आएगी उसका क्या करेंगे. इसको लेकर पता चला कि खान-पान की वजह से यह सारी बीमारियां हो रही हैं तभी हमने विचार किया अगर हम समाज को अच्छा भोजन देने में सफल हुए तो डॉक्टर की जरूरत ही नहीं पड़ेगी और यहां से जिंदगी में नया मोड़ आया और खेती पर काम शुरू किया इस पर 3 विश्वविद्यालय मॉडल पर रिसर्च कर रही है.