इटारसी आउटर पर 31 जुलाई को ट्रेन से कटकर मरे रोशन असवारे (37) के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। परिजन आरोप लगा रहे हैं कि जीआरपी ने उसे यात्री दिखाकर पंचनामा बनाया, जबकि वह स्टेशन पर अवैध वेंडर था। उसकी जेब से उज्जैन-इटारसी का टिकट बरामद दिखाया गया, ल
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परिवार का कहना है कि यह सब अवैध वेंडरिंग चलाने वाले सेठ राजू सिंह बघेल को बचाने के लिए किया गया। आरोप है कि बघेल के लोगों ने घर जाकर लालच और धमकी दी कि रोशन को यात्री मानने से मुआवजा मिल सकता है। रेल एसपी राहुल लोढ़ा ने जांच के आदेश दिए हैं।
ये उठे सवाल :
- मृतक की जेब में टिकट किसने रखा?
- क्यों छुपाया गया कि रोशन अवैध वेंडर था?
- जीआरपी और वेंडर माफिया में क्या सांठगांठ है?
- जीआरपी ने क्यों उज्जैन जाकर जांच की कोशिश नहीं की, जबकि सीसीटीवी हर जगह मौजूद हैं?
- परिवार को न्याय कौन दिलाएगा?
टिकट कहां से आया, जांच होगी ^ परिजनों को शक है तो बयान में दर्ज करा सकते हैं। हम उनके बयान ले लेंगे। टिकट कहां से आया इसकी भी जांच कराएंगे। -संजय चौकसे, थाना प्रभारी, जीआरपी
^मुझे तो जेब में टिकट मिला था। मैंने आसपास वीडियो फुटेज भी नहीं देखे और न ही उज्जैन जांच के लिए गया कि वहां से रोशन बैठा था। परिजनों ने भी यही बोला था कि उज्जैन गया था।‘-राकेश तिवारी, विवेचक, जीआरपी इटारसी