Anarsa ki Recipe: ठेकुआ को मिल गई टक्कर! विंध्य का अनरसा बना त्योहारों का असली हीरो

Anarsa ki Recipe: ठेकुआ को मिल गई टक्कर! विंध्य का अनरसा बना त्योहारों का असली हीरो


कोई भी विंध्य क्षेत्र का उत्सव बिना ढेर सारी मिठाइयों के अधूरा रह जाता है. यहां कि खाद्य संस्कृति के हर पहलू की तरह, कुछ मिठाइयाँ फेमस हैं, लोग तीज और गणेश चतुर्थी के त्यौहार में व्यवहार के लिए भी एक दूसरे को प्रसाद के रूप में मिठाई बांटा करते हैं. अनरसा उन मिठाइयों में से एक है, जो बिहार में बनने वाले ठेकुआ को स्वाद में टक्कर देती है.

हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी पर रीवा में अनरसा बनाना शुभ और स्वादिष्ट विकल्प है. यह गेहूं और शक्कर या गुड़ से बनने वाली पारंपरिक मिठाई बाहर से कुरकुरी और अंदर से मुलायम होती है. तिल की खुशबू और शक्कर या गुड़ की मिठास इसे और खास बना देती है. पूजा में भोग लगाने से लेकर परिवार संग खाने तक, अनरसा हर मौके का स्वाद दोगुना कर देता है.

आज हम आपको बताएंगे कि कैसे आप घर पर आसान तरीके से अनरसा बना सकते हैं और हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी को और भी स्पेशल बना सकते हैं.

अनरसा बनाने के लिए जरूरी सामग्री

अनरसा बनाने की सामग्री ज्यादातर हर घर में आसानी से मिल जाती है. आपको चाहिए-

2 कटोरी गेहूं का आटा
1 कप शक्कर पीसी हुई या गुड़ (कद्दूकस या टुकड़ों में)
1/2 कप तिल (सफेद तिल ज्यादा अच्छे रहते हैं)
1 चम्मच लायची पाउडर
2 बड़े चम्मच घी (मोबन के लिए)
पानी जरूरत अनुसार
तेल तलने के लिए.

सबसे पहले गेहूं का आटा लें उसमे घी और पीसी हुई शक्कर डालकर अच्छी तरह से मिला लें, फिर इलाइची पाउडर डालकर मिक्स करें और ढककर पंद्रह मिनट के लिए रख दें.

अगर आप गुड़ वाला बना रहीं हैं तो एक पैन में थोड़ा पानी डालकर उसमें गुड़ डालें और धीमी आंच पर पकाकर चाशनी तैयार करें. चाशनी ज्यादा पतली या ज्यादा गाढ़ी नहीं होनी चाहिए, एक तार की हो तो सबसे अच्छा है.  तैयार चाशनी में गेहूं का आटा धीरे-धीरे डालते जाएं और अच्छे से मिलाते जाएं. ध्यान रहे कि मिश्रण गुठलीदार न हो.जब गुड़ और गेहूं के आटे का मिश्रण अच्छी तरह गूंथ जाए तो उसे थोड़ी देर ढककर रख दें ताकि हल्का सेट हो जाए.

ध्यान रहे आप शक्कर की जगह गुड़ डालेंगे तो इसका टेस्ट बदल जाएगा, इसलिए अपने स्वादअनुसार ही शक्कर या गुड़ का इस्तेमाल करें.

1. सबसे पहले तैयार आटे की लोई बनाएं.
2. अब एक लोई को हल्का सा हाथों से ही बेल लें और उस पर तिल अच्छी तरह से चिपका दें.
3. कढ़ाई में तेल गरम करें और उसमें हल्की आंच पर इन तिल वाली लोइयों को तलें.
4. अनरसा तलते समय ध्यान रखें कि आंच तेज न हो, वरना बाहर से जल जाएगा और अंदर से कच्चा रह जाएगा.
5. सुनहरा और कुरकुरा होने पर अनरसे को निकालकर टिश्यू पेपर पर रख दें ताकि अतिरिक्त तेल निकल जाए.

अनरसे को तलते समय आंच हमेशा मध्यम से धीमी रखें.
अगर आटा ज्यादा गीला हो जाए तो उसमें थोड़ा सूखा आटा  डालकर बैलेंस कर सकते हैं.
लंबे समय तक स्टोर करना चाहते हैं तो एयरटाइट डिब्बे में रखें.

अनरसे का स्वाद और परोसने का तरीका
तैयार अनरसा बाहर से हल्का क्रिस्पी और अंदर से सॉफ्ट होता है. तिल की खुशबू और शक्कर या गुड़ की मिठास इसका स्वाद और भी बढ़ा देती है. आप इसे तीज पूजा और गणेशोत्सव के भोग में चढ़ा सकते हैं और परिवार के साथ डिनर के बाद डेजर्ट के रूप में भी परोस सकते हैं. गर्मागर्म अनरसे का स्वाद सबसे अलग होता है लेकिन ठंडा होने पर भी यह उतना ही स्वादिष्ट रहता है.

हरतालिका तीज और गणेश चतुर्थी का व्रत और पूजा जितनी पवित्र होती है, उतना ही खास होता है इसमें बनाए जाने वाले व्यंजन. अनरसा एक ऐसी मिठाई है जो परंपरा और स्वाद दोनों को जोड़ती है. इसे बनाना मुश्किल नहीं है, बस सही तैयारी और थोड़ी सी सावधानी की जरूरत होती है. इस बार हरतालिका तीज और गणेश पूजन 2025 पर जब आप अनरसा बनाएंगे तो घर की रौनक और बढ़ जाएगी और त्यौहार की मिठास लंबे समय तक याद रहेगी.



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