दतिया कलेक्टर स्वप्निल वानखड़े ने एक अनोखी पहल की शुरुआत की है। अब जिले के अधिकारी न केवल सरकारी कामकाज तक सीमित रहेंगे, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी सीधे जुड़ेंगे। इसके तहत प्रत्येक अधिकारी अपनी धर्मपत्नी के साथ मिलकर कम से कम एक आंगनवाड़ी केंद्र को
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कलेक्टर ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि आंगनवाड़ी गोद लेने के बाद अधिकारी और उनकी धर्मपत्नी हर पंद्रह दिन में केंद्र का निरीक्षण करें। इस दौरान वे बच्चों से संवाद करेंगे, उनकी समस्याओं को समझेंगे और उन्हें खुशी का एहसास दिलाएंगे।
उन्होंने कहा कि जब भी कोई त्यौहार आए, अधिकारी दंपत्ति बच्चों के साथ मिलकर त्योहार मनाएं और खुशियां साझा करें। इतना ही नहीं, परिवार के बच्चों के जन्मदिन भी आंगनवाड़ी केंद्रों पर मनाने की अपील की गई है, ताकि समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता का वातावरण बन सके।
कलेक्टर वानखड़े ने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी केंद्रों में रंगाई-पुताई, सुविधाओं में सुधार और शिक्षा संबंधी व्यवस्थाओं को बेहतर बनाना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। साथ ही उन्होंने घोषणा की कि जिले में जो आंगनवाड़ी केंद्र उत्कृष्ट कार्य करेंगे, उनका नाम सार्वजनिक रूप से उजागर किया जाएगा और संबंधित अधिकारी व उनकी धर्मपत्नी को सम्मानित भी किया जाएगा।