खरगोन के बलकवाड़ा क्षेत्र के पांच गांवों में जलसंकट गहरा गया है। मंगलवार को 200 से अधिक किसान जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने कलेक्टर से बलकवाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना की लाइन से बेसरकुंड तालाब में पानी छोड़ने की मांग की।
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बेसरकुंड, धरमपुरी, पोखर, नारायणपुरा और बलकवाड़ा के किसानों ने कलेक्टर भव्या मित्तल से मुलाकात की। किसान प्रकाश पटेल ने बताया कि क्षेत्र में पेयजल और सिंचाई के लिए पानी नहीं है। ग्रामीणों को 2 से 3 किलोमीटर दूर से पानी लाना पड़ रहा है। खेतों में सिंचाई का कोई साधन नहीं है। किसान पूरी तरह बारिश पर निर्भर हैं। पंप चलाने से कुएं सूख जाते हैं।
किसानों का कहना है कि बलकवाड़ा उद्वहन सिंचाई योजना की मेन लाइन से बेसरकुंड जलाशय में पानी छोड़ा जाए। इससे क्षेत्र की 400 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई होगी। साथ ही पेयजल और मवेशियों के लिए पानी की व्यवस्था हो जाएगी। क्षेत्र के जल स्रोतों का जलस्तर भी बढ़ेगा।
कलेक्टर ने किसानों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से चर्चा कर जल्द कार्रवाई करने का आश्वासन दिया।