बैतूल जिले के भैसदेही तहसील के ग्राम झिरी में प्राथमिक शिक्षा व्यवस्था बदहाल है। गांव के बच्चे जर्जर भवन में पढ़ाई करने को मजबूर हैं, जहां हर पल हादसे का खतरा मंडराता रहता है। स्थानीय लोगाें ने बताया कि बारिश के मौसम में हालात और भी भयावह हो जाते हैं
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जर्जर भवन में हो रही पढ़ाई
ग्रामीणों ने बताया कि स्कूल भवन कई सालों से मरम्मत की मांग कर रहा है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। बारिश के दिनों में कमरे टपकते हैं और बच्चों को अक्सर बाहर बैठाकर पढ़ाना पड़ता है। अभिभावकों की चिंता यह है कि यदि समय रहते कोई बड़ा हादसा हो गया तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा।
आंगनवाड़ी भवन पर कब्जा, बच्चों की पढ़ाई प्रभावित
गांव की दूसरी बड़ी समस्या आंगनवाड़ी से जुड़ी है। ग्रामीणों का कहना है कि जिस जमीन पर बीते 50 वर्षों से आंगनवाड़ी संचालित हो रही थी, उस शासकीय भूमि पर अब दबंगों ने अवैध कब्जा कर मकान निर्माण शुरू कर दिया है। इससे न सिर्फ छोटे बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि उन्हें सुरक्षित स्थान पर बैठने की जगह तक नहीं मिल रही।

कलेक्टर से की कार्रवाई की मांग
इन गंभीर समस्याओं को लेकर मंगलवार को झिरी गांव के ग्रामीण करीब 100 किलोमीटर दूर बैतूल पहुंचे और कलेक्टर कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान ज्ञापन सौंपा। ग्रामीणों ने मांग की कि प्राथमिक शाला में तत्काल दो अतिरिक्त कक्ष स्वीकृत किए जाएं ताकि बच्चों को सुरक्षित और व्यवस्थित वातावरण में शिक्षा मिल सके। साथ ही आंगनवाड़ी की जमीन से अतिक्रमण हटाकर बच्चों के लिए नया भवन बनाया जाए।

ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से बड़ा कोई मुद्दा नहीं हो सकता। यदि इन समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो गांव के नौनिहाल न तो सुरक्षित रहेंगे और न ही उन्हें पढ़ने के लिए सही माहौल मिल पाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द कार्रवाई की मांग की है, ताकि आने वाले समय में कोई अनहोनी न हो।