अधिकारी के चक्कर काटता रमेश कुशवाह
मुरैना में दुर्गे नगर निवासी रमेश चंद्र कुशवाह ने नगर पालिक निगम से 13 लाख 95 हजार रुपए में दुकान खरीदी थी। पूरी राशि जमा करने के बावजूद उनकी पत्नी गुड्डी के नाम दुकान की रजिस्ट्री नहीं हो पाई। आरोप है कि राजस्व निरीक्षक ने रजिस्ट्री के लिए 50 हजार र
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नगर निगम ने 7 फरवरी 2025 को बड़ोखर इलाके में दुकानों की निविदा जारी की थी। इसमें रमेश चंद्र ने पत्नी गुड्डी के नाम आवेदन किया और दुकान उन्हें स्वीकृत हो गई। इसके बाद उन्होंने किश्तों में पूरी राशि जमा कर दी।
पूरी रकम किस्तों में चुकाई
रमेश चंद्र ने अलग-अलग तारीखों पर रकम जमा की। 24 मार्च को 3.48 लाख, 11 अप्रैल को 2.61 लाख, 23 जून को 5.23 लाख, 2 जून को 2.61 लाख और 21 जून को 1 रुपया जमा कर शेष रकम पूरी कर दी।
नगर निगम में द्वारा दी गई की रसीद।
रिश्वत मांगे जाने का आरोप
रमेश का कहना है कि राजस्व निरीक्षक रामहेत मौर्य ने रजिस्ट्री के लिए 50 हजार रुपए रिश्वत मांगी। रकम न देने पर रजिस्ट्री रोक दी गई। इसके बाद वे बार-बार नगर निगम के चक्कर लगाते रहे।
जांच के बाद निलंबन
पीड़ित ने शिकायत कलेक्टर अंकित अस्थाना से की। जांच में आरोप सही पाए गए। इसके बाद 28 जून को राजस्व निरीक्षक रामहेत मौर्य को निलंबित कर दिया गया।

नगर निगम में द्वारा दी गई की रसीद।
एडीएम ने दिया आश्वासन
एडीएम अश्वनी कुमार रावत ने कहा कि अगर रजिस्ट्री का समय निकलता है तो रजिस्ट्रार से बात कर स्लॉट रिलोड करवाया जाएगा। इसके बाद रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।