किसानों ने केंद्रीय मंत्री को आवेदन देकर सर्वे कराने की मांग की थी।
गुना जिले में हाल ही में आई प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए सर्वे कार्य शुरू कर दिया गया है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने इस दिशा में तेजी से काम शुरू किया है।
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कलेक्टर किशोर कुमार कन्याल ने बीमा कंपनियों, बैंकों और कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक कर किसानों के व्यक्तिगत सर्वे की प्रक्रिया को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने किसानों से टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर अपनी जानकारी दर्ज कराने और सर्वे कराने की अपील भी की है।
सिंधिया बोले थे- किसानों को दिलवाना होगा उनका हक
कुछ दिन पहले गुना दौरे पर आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा था –
जिन बीमा कंपनियों ने मेरे किसानों से बीमा राशि ली है, अब जब उनकी फसलें बर्बाद हो गई हैं, तो उन्हें मुआवजा देना ही होगा। किसानों को उनका हक दिलाना हमारी प्राथमिकता है।

सिंधिया ने कलेक्टर से इस मामले में सख्ती से कार्रवाई करने की बात कही थी।
अब तक 340 खसरों का सर्वे, 60–70% नुकसान
बैठक में अधिकारियों ने जानकारी दी कि अब तक 90 किसानों के 340 खसरों का व्यक्तिगत सर्वे किया जा चुका है। इन क्षेत्रों में 60 से 70 प्रतिशत तक फसल नुकसान का आकलन किया गया है। हालांकि, यदि तहसील स्तर पर औसतन देखा जाए तो प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार 15 से 20 प्रतिशत नुकसान की पुष्टि हुई है।
36 हजार किसानों ने कराया बीमा, भुगतान में सब्सिडी की भूमिका
कलेक्टर कन्याल ने बताया कि जिले में अब तक 36 हजार किसान फसल बीमा योजना से जुड़ चुके हैं। लेकिन बीमा की राशि का भुगतान केंद्र और राज्य सरकार द्वारा सब्सिडी मिलने के बाद ही होता है।
उन्होंने कहा कि जिन किसानों को लगता है कि उनकी फसल को भारी नुकसान हुआ है, वे तुरंत 14447 टोल फ्री नंबर पर जानकारी दें। रजिस्ट्रेशन के तुरंत बाद व्यक्तिगत सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
किसानों से अपील
कलेक्टर ने किसानों से आग्रह किया है कि वे स्वयं भी सक्रिय रूप से आगे आएं, और समय रहते अपनी जानकारी दर्ज कराएं ताकि उन्हें फसल बीमा योजना के तहत समुचित लाभ मिल सके।