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Self Help Group Success Story: छतरपुर की 15 महिलाओं ने घर की जिम्मेदारियां निभाने के साथ अब टोल प्लाजा की कमान संभाल ली है. महीने में लाखों की वसूली कर ये महिलाएं आत्मनिर्भर बनीं और अपने बच्चों की शिक्षा व घर क…और पढ़ें
बता दें, 2 साल पहले आजीविका मिशन के तहत स्थानीय स्व-सहायता समूह की महिलाओं को टोल बूथ चलाने की जिम्मेदारी दी गई थी. टोल प्लाजा संचालन से उन्हें रोजगार तो मिला ही साथ ही उनकी आमदनी भी बढ़ी.
15 महिलाओं को मिला रोजगार
प्रगति सीएलएफ स्व-सहायता समूह लवकुश नगर से जुड़ी स्वीटी सिंह बताती हैं कि आज से 2 साल पहले मैं अपने घर में छोटे बच्चों को कोचिंग पढ़ाती थी. लेकिन कुछ खास आमदनी नहीं हो रही थी. इसके बाद स्व-सहायता समूह से जुड़ गई. इस दौरान लवकुश नगर- मलहरा- चंदला एन एच 12 मार्ग पर संजयनगर टोल प्लाजा का काम चालू हो रहा था. टोल प्लाजा पर कैसे नौकरी करनी है इसकी ट्रेनिंग दी गई और इसके बाद हमें यहां नौकरी मिल गई.
3 शिफ्ट में होता है काम
वहीं सीएलएफ टोल मैनेजर और महिला चमेली राजपूत बताती है कि संजयनगर टोल प्लाजा पर हम 15 महिलाएं साल 2023 से काम कर रही हैं. यहां पर 3 शिफ्ट में महिलाएं काम करती हैं. ए, बी और सी नाम की शिफ्ट में काम होता है. एक शिफ्ट में 5 महिलाएं 8 घंटे काम करती हैं. इस टोल प्लाजा को महिलाएं हीं 24 घंटे संचालित करती हैं. हालांकि, इस समूह में एक पुरुष सदस्य भी हैं जो लेखपाल हैं.
स्वीटी सिंह बताती हैं कि टोल प्लाजा से हर शिफ्ट में 50 से 60 वाहन गुजर जाते हैं. वाहनों की वसूली का पेमेंट कैश से और फास्टैग दोनों से करते हैं. महीने का लगभग 5 से 6 लाख रुपए की वसूली होती है, उसका 30 फीसदी हमारे महिला समूह संगठन को मिलता है. एक महिला सदस्य को 9500 रुपए महीना मिल जाता है.
फिक्स सैलरी मिलती है
शिफ्ट इंचार्ज स्वीटी सिंह बताती है कि हमें इस जॉब में एक फिक्स्ड सैलेरी दी जाती है. यहां से कितने भी वाहन गुज़रे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है. हम 15 महिलाओं की जितनी सैलरी है वह एक फिक्स होती है.
कमाई से बच्चों को दे पा रहीं शिक्षा
स्व सहायता समूह से जुड़ी सभी 15 महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव आया है. 2 साल पहले इनके जीवन में कोई खास उन्नति नहीं थी लेकिन आज इनके जीवन का स्तर बदल गया है.आज ये सभी महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी हैं. परिवार के किसी भी सदस्य पर निर्भर नहीं है बल्कि परिवार का खुद ही खर्च उठा रही हैं. बता दें, प्रगति सीएलएफ स्व-सहायता समूह की 15 महिला सदस्यों की अध्यक्ष चमेली राजपूत हैं तो वहीं सचिव विद्या राजपूत हैं. इसके साथ ही स्वीटी सिंह, कोमल सिंह, शांति सिंह, रमा राजपूत, अंगूरी यादव और कुसुम अहिरवार भी इस समूह से जुड़कर टोल प्लाजा में नौकरी कर रही हैं. टोल प्लाजा में शिफ्ट इंचार्ज और टिकट काउंटर की ड्यूटी पर स्वीटी सिंह और शांति सिंह रहती हैं वहीं बेरियल में रानी अहिरवार मौजूद रहती हैं.