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Ganesh Chaturthi 2025: विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर में गणेश चतुर्थी पर आस्था का जन सैलाब उमड़ा. मंदिर प्रशासन के मुताबिक इस बार गणेश चतुर्थी के पहले दिन 5 लाख से ज्यादा भक्त खजराना गणेश के दर्शन कर सकते हैं. पहला दिन 24 घंटे मंदिर का पट भक्तों के दर्शन के लिए खुला रहेगा. (रिपोर्टर- मिथिलेश गुप्ता)

खजराना गणेश का गणेश चतुर्थी के पहले दिन 5 करोड़ के गहनों से होगा मनमोहक श्रृंगार किया गया. प्रशासन का दावा है कि 5 लाख श्रद्धालु बुधवार को खजराना गणेश के दर्शन कर सकते हैं. विश्व प्रसिद्ध खजराना गणेश मंदिर का लगभग 300 साल पुराना इतिहास है. बिग बी अमिताभ बच्चन, अभिनेत्री सारा अली खान, क्रिकेटर रोहित शर्मा हर साल खजराना गणेश के दर्शन के लिए इंदौर आते हैं.

वृंदावन के फूलों से खजराना गणेश के गर्भ ग्रह को सजाया गया है. पूरा मंदिर विदेशी फूलों से डेकोरेट किया गया है. सुबह से मंदिर में भक्तों का तांता लगा हुआ है. 24 घंटे गर्भ गृह का पट खजराना गणेश के दर्शन के लिए भक्तों के लिए आज खुले रहेंगे.

देश के अमीर मंदिरों में से एक है इंदौर का खजराना गणेश मंदिर. लगभग 5 करोड़ रुपये के सोने और हीरे से बना मुकुट खजराना गणेश के सिर पर है. खजाना गणेश का गर्भ गृह चांदी से चमक रहा है. सोने हीरे और नवरत्न से खजराना गणेश का मनमोहक श्रृंगार किया गया है.

बुद्धि, समृद्धि और विघ्नहर्ता के देवता भगवान गणेश का दर्शन करने के लिए इंदौर में आस्था का जनसैलाब उमड़ रड़ा. सुबह से ही खजराना गणेश मंदिर में भक्तों की लगी लंबी-लंबी कतार देखने को मिल रही है. रात 12 बजे से खजराना गणेश मंदिर के पट श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए खोल दिए गए.

खजराना गणेश मंदिर का निर्माण होलकर वंश की महारानी देवी अहिल्याबाई होल्कर ने 1735 में करवाया था. उन्होंने औरंगजेब के हमलों से बचाने के लिए कुएं में छिपाकर रखी गई मूर्ति को बावड़ी से बाहर निकालकर मंदिर स्थापित करवाया था. यह मंदिर भक्तों की मनोकामनाएं पूरी करने के लिए प्रसिद्ध है. यहां बुधवार और रविवार को भक्तों की भारी भीड़ रहती है. मंदिर का प्रबंधन भट्ट परिवार करता है, जिसने मूर्ति की खोज में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी.

एक कथा के अनुसार औरंगजेब के आक्रमण के दौरान भगवान गणेश की मूर्ति को तत्कालीन पुजारियों को एक कुएं में सुरक्षित छिपा दिया गया था. फिलहाल जो अब बावड़ी बन चुका हैं और आज भी खजराना गणेश मंदिर के परिसर में हैं. कहते हैं कि पंडित मंगल भट्ट को सपने में भगवान गणेश ने दर्शन दिए और मूर्ति को कुएं से निकालकर उसे स्थापित करने का आदेश दिया था.

पुजारी मंगल भट्ट ने भगवान गणेश को कहा मैं गरीब ब्राह्मण हूं. ऐसे में मंदिर की स्थापना कैसे करवा पाऊंगा. इसके बाद भगवान गणेश ने देवी अहिल्याबाई को सपने में दिखे और कहा कि मंगल भट्ट पुजारी को मैंने एक स्थान बताया है जहां पर मैं हूं. उसके बाद उस स्थान की खुदाई की गई और भगवान गणेश की प्रतिमा मिली.

खजराना गणेश मंदिर में आने वाले भक्तों का मानना है कि यहां पूजा करने से उनकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं.