कब्ज से राहत
अरंडी का तेल एक प्राकृतिक लैक्सेटिव यानी पेट साफ करने वाला तत्व है. यह आंतों की मांसपेशियों को सक्रिय कर देता है, जिससे मल आसानी से बाहर निकल पाता है. इसी कारण इसे कब्ज की समस्या में कारगर माना जाता है. हालांकि, इसका सेवन हमेशा सीमित मात्रा में ही करना चाहिए, क्योंकि ज्यादा लेने से पेट दर्द या डायरिया हो सकता है.
इस तेल में एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं. यह जोड़ों के दर्द, सूजन और मांसपेशियों की ऐंठन में आराम पहुंचाता है. हल्का गर्म करके अरंडी के तेल की मालिश करने से अर्थराइटिस, बैक पेन और मसल पेन जैसी समस्याओं में फायदा होता है. नियमित मालिश से ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है.
बालों के लिए उपयोगी
अरंडी का तेल बालों की जड़ों के लिए पोषण का काम करता है. इसमें मौजूद विटामिन-ई और फैटी एसिड स्कैल्प को मजबूत बनाते हैं. यह डैंड्रफ हटाने, बालों की टूट-फूट रोकने और हेयर ग्रोथ बढ़ाने में मदद करता है. अगर इसे नारियल या बादाम तेल के साथ मिलाकर लगाया जाए तो और भी अच्छे परिणाम मिल सकते हैं.
अरंडी के तेल में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल तत्व मौजूद होते हैं. यही कारण है कि यह एक्ने, सोरायसिस और एक्जिमा जैसी त्वचा संबंधी परेशानियों में राहत देता है. घाव भरने और त्वचा की नमी बनाए रखने में भी यह फायदेमंद है. इसे प्राकृतिक मॉइस्चराइजर कहा जा सकता है, क्योंकि यह ड्राई और क्रैक्ड स्किन को गहराई से नरम बनाता है.
क्रैम्प्स और पेट दर्द में लाभकारी
कई बार महिलाओं को पीरियड्स के दौरान या सामान्य रूप से पेट में ऐंठन हो जाती है. ऐसे में हल्का गर्म अरंडी का तेल लेकर पेट पर मसाज करने से मांसपेशियों को आराम मिलता है और दर्द कम होता है.
ड्राई स्किन की समस्या हो तो अरंडी का तेल सबसे अच्छा विकल्प है. यह त्वचा को गहराई से हाइड्रेट करता है और कोलेजन उत्पादन को बढ़ावा देता है, जिससे स्किन मुलायम और चमकदार दिखती है.
अरंडी के तेल के नुकसान और सावधानियां
हर चीज की तरह अरंडी के तेल के भी कुछ दुष्प्रभाव हैं. इसका इस्तेमाल करने से पहले कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है.
1. गर्भवती महिलाएं सावधान रहें – गर्भावस्था में अरंडी का तेल सेवन बिल्कुल न करें. यह समय से पहले लेबर पेन को ट्रिगर कर सकता है, जो मां और बच्चे दोनों के लिए हानिकारक हो सकता है.
3. सीमित मात्रा में ही सेवन करें – अरंडी का तेल कब्ज से राहत देता है, लेकिन अधिक मात्रा में लेने से पेट दर्द, दस्त और डिहाइड्रेशन जैसी समस्या हो सकती है.
अरंडी का तेल सेहत और सौंदर्य दोनों के लिए एक वरदान है. यह कब्ज, दर्द, बालों और त्वचा की समस्याओं को दूर करने में मदद करता है. लेकिन इसका उपयोग हमेशा सीमित मात्रा में और सावधानी के साथ करना चाहिए. खासकर गर्भवती महिलाओं और संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन या उपयोग करना चाहिए. इस तरह देखा जाए तो अरंडी का तेल हमारे घर का एक छोटा सा आयुर्वेदिक खजाना है, जो सही तरीके से इस्तेमाल करने पर बड़े-बड़े फायदे दे सकता है.
Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.