भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के बंगले में घुसकर भाजपा विधायक और समर्थकों द्वारा की गई अभद्रता के मामले में आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन विरोध में उतर आया है। एसोसिएशन शुक्रवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और मुख्य सचिव अनुराग जैन से मिलकर घटनाक्रम को लेकर
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मध्यप्रदेश आईएएस आफिसर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष मनु श्रीवास्तव ने बताया कि बुधवार को भिंड कलेक्टर से साथ हुए घटनाक्रम को लेकर आज मुख्य सचिव अनुराग जैन से मिले थे। इस मामले में विरोध दर्ज कराया गया है।
एसोसिएशन के पदाधिकारी और आईएएस अधिकारी एक साथ मुख्य सचिव जैन और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से फिर मिलेंगे और सम्पूर्ण घटनाक्रम पर एक्शन के साथ ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न होने की मांग भी करेंगे। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले में आज उन्होंने भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव से भी बात की है और संभागायुक्त चंबल संभाग से भी घटना की जानकारी ली है। प्रशासनिक अफसरों के साथ इस तरह की एक्टिविटी रोकने की मांग को लेकर एसोसिएशन पूरी तरह गंभीर है।
कर्मचारी संगठनों ने भी किया विरोध
भिंड कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव के साथ घटित घटना पर कर्मचारी संगठनों ने भी विरोध जताया है। मप्र तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ के महामंत्री उमाशंकर तिवारी ने कहा है कि अधिकारी, कर्मचारी ऐसे माहौल में काम नहीं कर पाएंगे।
तिवारी ने कहा कि यदि वरिष्ठ अधिकारी या कर्मचारी जनहित में एवं जनप्रतिनिधि द्वारा बताए गए कार्य नहीं कर रहे हैं तो उनकी शिकायत उचित जगह की जाए लेकिन किसी को भी कानून अपने हाथ में लेकर इस प्रकार से दुर्व्यवहार करना बहुत ही दुखद है। जनप्रतिनिधि अगर इस प्रकार से करेंगे तो जनता में गलत संदेश जाएगा। प्रदेश एवं जिलों में काम करने वाले अधिकारी कर्मचारियों में दहशत व्याप्त होगी। कर्मचारी सही तरीके से काम नहीं कर पाएंगे।
कलेक्टर के बंगले का यह था घटनाक्रम
भिंड विधायक नरेंद्र सिंह कुशवाह अपने समर्थकों के साथ कलेक्टर आवास पर पहुंचे। यहां कलेक्टर संजीव श्रीवास्तव मेन गेट पर आए। यहां विधायक ने तू-तड़ाक शुरू किया। इस पर कलेक्टर नाराज हो गए। कलेक्टर ने उंगली दिखाई और कहा औकात में बातचीत करना।
विधायक कुशवाह ने आंखें दिखाते हुए दांतों को पीसते हुए मुक्का बांधकर दिखाया। इस पर समर्थक भी गुस्साए और कहा कि औकात से बोलना। फिर नारेबाजी की। इस समय कलेक्टर गेट के अंदर हो गए। विधायक कुशवाह ने फिर थप्पड़ मारने के लिए हाथ दिखाया। तभी गार्ड आगे आए। उन्होंने कलेक्टर को भीतर करते हुए विधायक और कलेक्टर के बीच गेट पर हाथ रख लिए।
विधायक- तू मुझे जानता नहीं है। कई बार समझा दिया फिर भी नहीं मानता।
कलेक्टर- रेत की चोरी नहीं चलने दूंगा।
विधायक- तू सबसे बड़ा चोर है।
कलेक्टर ने ओझा गांव की रेत खदान के बारे में बोलना चाहा तभी विधायक ने फिर आंखें दिखाई और गुस्साए। इस दौरान कलेक्टर ने फिर कुछ कहा। इस पर फिर विधायक बंगले में घुसने लगे। इसी दौरान विधायक के गार्ड ने कहा भाई साहब बैठकर बातचीत कर लीजिए।
विधायक- प्राइवेट आदमियों से वसूली करवा रहे हो। वहां पटवारी भेज दिए।
इसके बाद विधायक के कुछ समर्थक नारे लगा रहे थे। वो रुके तो विधायक बोले- लगाओ नारे। इसी समय कलेक्टर से फिर विधायक बोले- पटवारी कैसे बैठाए। फिर कलेक्टर अंदर चले गए। इसी समय विधायक अभद्र भाषा में बोलते हुए गेट के अंदर घुस गए और बोले- तू आ जा तुझे देखता हूं। तू आजा।
इस पर कलेक्टर फिर लौटे और विधायक के समर्थकों को डांटते हुए बोले मेरे घर के अंदर आकर वीडियो क्यों बना रहे हो। मेरे घर के अंदर वीडियो बना रहे हो। इस पर समर्थकों ने मोबाइल बंद कर लिया।