जबलपुर में 26 वर्षीय नितेश विश्वकर्मा की हत्या का चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। 24 अगस्त की रात घर से निकले नितेश की लाश 26 अगस्त को बरगी के सगड़ा नहर में मिली थी। शुरुआत में इसे आत्महत्या समझा गया, लेकिन पीएम रिपोर्ट और पुलिस जांच में सामने आया कि नित
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नहर किनारे मिली लाश और कार
रांझी थाना क्षेत्र के संजय नगर निवासी नितेश विश्वकर्मा 24 अगस्त की रात इनोवा कार (एमपी 20 सीजी 7482) लेकर घर से निकला था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर पिता ने कॉल किया, लेकिन फोन बंद मिला। अगले दिन परिजनों ने रांझी थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
26 अगस्त की शाम बरगी थाना पुलिस को नहर किनारे एक इनोवा कार खड़ी होने की सूचना मिली। कार खुली हुई थी, लेकिन उसमें कुछ नहीं मिला। थोड़ी ही दूरी पर पानी में झाड़ियों के बीच नितेश की लाश बरामद की गई।
दोस्त बना हत्याकांड का मास्टरमाइंड
पुलिस जांच में पता चला कि रांझी मस्ताना चौक का रमनदीप, नितेश विश्वकर्मा का बचपन का दोस्त था। दोनों स्कूल के समय से साथ रहते थे। अप्रैल 2024 में उन्होंने मिलकर बैंक से दो हाइवा गाड़ियां फाइनेंस करवाईं, जिन्हें उदयपुर से खरीदा गया था।
गाड़ियां लेने के बाद रमनदीप ने कहा कि पूरा व्यापार वही संभालेगा और हिसाब-किताब भी वही देखेगा। कुछ समय बाद उसने नितेश को बताया कि काम में 13 लाख रुपए का नुकसान हो गया है। इस पर नितेश ने विरोध जताया और कहा कि जब सारा काम रमनदीप देख रहा है, तो नुकसान भी उसी का होना चाहिए। इसी बात को लेकर एक माह पहले दोनों के बीच विवाद हुआ था।
इसी विवाद के बाद रमनदीप ने नितेश की हत्या की साजिश रच डाली।
गर्लफ्रेंड और ड्राइवर ने दिया साथ
पुलिस के अनुसार हत्या की साजिश में रमनदीप की फ्रेंड मीनाक्षी भाटिया और ड्राइवर तोशीब भी शामिल थे। तीनों ने मिलकर योजना बनाई और रमनदीप ने गौर स्थित एक होटल से मीनाक्षी और तोशीब को लगातार निर्देश दिए। इसी प्लान के तहत नितेश की हत्या की गई और लाश नहर में फेंक दी गई।
पुलिस ने किया हत्याकांड का खुलासा
वारदात के छह दिन बाद रांझी और बरगी थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हत्याकांड का पर्दाफाश किया और तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल तरीके और वारदात से जुड़े अन्य सबूतों की जांच कर रही है।