दांतों को खोखला कर देती है ये बीमारी, ऐसे पहचानें शुरुआती संकेत, एक्सपर्ट से जानें घरेलू इलाज

दांतों को खोखला कर देती है ये बीमारी, ऐसे पहचानें शुरुआती संकेत, एक्सपर्ट से जानें घरेलू इलाज


Home Remedies to Cure Pyorrhea: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में दांतों से जुड़ी बीमारियां बहुत तेजी से बढ़ रही हैं. इनमें सबसे आम समस्या है पायरिया. यह एक ऐसी बीमारी है, जिसमें मसूड़ों में इंफेक्शन हो जाता है. शुरुआत में यह मामूली लगती है लेकिन धीरे-धीरे यह दांतों की जड़ तक असर डाल देती है.

पायरिया क्या है?
डाक्टर राहुल पटेल बताते हैं कि पायरिया को आमतौर पर मसूड़ों की बीमारी कहा जाता है. इसमें मसूड़ों से खून आना, सूजन होना, बदबू आना और दांतों का हिलना जैसी परेशानियां सामने आती हैं. एक्सपर्ट डॉक्टरों के अनुसार, पायरिया की मुख्य तीन स्टेज होती हैं.

1. पहली स्टेज – ब्रश करने पर मसूड़ों से खून आना.
2. दूसरी स्टेज – खून आने के साथ-साथ मुंह से बदबू और दुर्गंध.
3. तीसरी स्टेज – मसूड़े ढीले पड़ जाते हैं, दांत हिलने लगते हैं और कई बार पस भी निकलने लगता है. इस स्टेज को पेरियोडोंटिस कहा जाता है. अगर इस समस्या का इलाज समय रहते न किया जाए तो दांत गिर सकते हैं और हड्डियां भी कमजोर हो सकती हैं.

पायरिया के कारण
दांतों और मसूड़ों की सही से सफाई न करना
तंबाकू, गुटखा, पान मसाला या सिगरेट का सेवन
ज्यादा मीठा खाना और उसके बाद कुल्ला न करना
बैक्टीरिया का जमाव और इंफेक्शन

पायरिया से बचाव कैसे करें?
डॉक्टर राहुल पटेल का कहना है कि पायरिया को शुरूआती दौर में ही रोका जा सकता है. इसके लिए जरूरी है कि रोजाना दांतों की सफाई की जाए और कुछ घरेलू नुस्खों को अपनाया जाए.

घरेलू नुस्खा…
नमक का पानी

डॉ. राहुल पटेल (मुख एवं दंत रोग विशेषज्ञ, खंडवा डेंटल क्लीनिक) बताते हैं कि पायरिया की शुरुआती स्टेज में नमक के पानी से कुल्ला करना बेहद असरदार है. नमक में एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो मसूड़ों की सूजन कम करते हैं और खून आना रोकते हैं. एक गिलास गुनगुने पानी में आधा चम्मच नमक डालें. दिन में दो बार इससे कुल्ला करें. शुरुआती पायरिया में यह उपाय बहुत फायदेमंद रहता है.

अन्य उपाय
नीम की दातून करना भी पायरिया रोकने में मददगार है.
हल्दी और सरसों के तेल का मिश्रण मसूड़ों पर मलने से सूजन और इंफेक्शन कम होता है.
तंबाकू, गुटखा और शराब जैसी चीजों से पूरी तरह दूर रहें.
दिन में दो बार ब्रश करें और फ्लॉसिंग की आदत डालें.

कब दिखाएं डॉक्टर को?
अगर पायरिया बढ़कर दूसरी और तीसरी स्टेज तक पहुंच जाए, मसूड़ों से लगातार खून आए, मुंह से बदबू आए और दांत हिलने लगें तो तुरंत दंत चिकित्सक को दिखाना चाहिए. ऐसे मामलों में डॉक्टर दांतों की सफाई (स्केलिंग), एंटीबायोटिक और अन्य उपचार से बीमारी को रोक सकते हैं.

पायरिया के नुकसान
अगर पायरिया का समय पर इलाज न हो तो दांत कमजोर होकर गिर सकते हैं.
मसूड़ों से लगातार पस और खून निकल सकता है.
मुंह की बदबू से आत्मविश्वास पर असर पड़ता है.
चबाने और खाना खाने में मुश्किल होती है.



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