धार के शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक 16 में बच्चों को पढ़ाई के दौरान कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्कूल परिसर में आसपास के घरों का गंदा पानी जमा रहता है, जिससे छात्र कक्षाओं तक पहुंचने के लिए गंदे पानी से होकर गुजरते हैं।
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स्कूल में तीन भवन हैं, जिनमें से एक जर्जर अवस्था में होने के कारण बंद कर दिया गया है। बारिश के मौसम में इस भवन की छत से पानी टपकता है और इसके चारों ओर झाड़ियां और घास उग आई हैं। वहीं, शौचालय की स्थिति भी ठीक नहीं है। बारिश के दिनों में शौचालय के सामने पानी भर जाता है और बच्चों को गंदे पानी से होकर जाना पड़ता है। कई बार शौचालय का आधा हिस्सा पानी में डूब जाता है।
बाउंड्रीवाल तक नहीं बनी बाउंड्रीवाल न होने के कारण बच्चों की सुरक्षा भी खतरे में है। चुनाव के समय ही स्कूल में मरम्मत और रंग-रोगन कराया जाता है, लेकिन मतदान समाप्त होते ही स्थिति फिर से बिगड़ जाती है।
मतलबपुरा क्षेत्र के निवासियों विजय बारिया, श्याम वास्केल, अर्जुन भर और राहुल सिंगर ने कहा कि स्कूल भवन की मरम्मत तुरंत की जानी चाहिए ताकि बच्चे सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में पढ़ाई कर सकें। उनका कहना है कि जब विद्यालय की स्थिति ही खराब है, तो गरीब तबके के विद्यार्थी कैसे आगे बढ़ पाएंगे।
शिक्षिकाओं ने बताया कि कई बार विभाग को आवेदन देकर समस्याओं से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मजबूरी में बच्चों को केवल दो कमरों में पढ़ाया जा रहा है। शिक्षिका सुमन कटारे का कहना है कि नाले का पानी रोकने के लिए कई पत्र लिखे गए, लेकिन कोई समाधान नहीं निकला।
बीआरसी भरतराज राठौर ने कहा कि स्कूल परिसर की स्थिति को लेकर प्रधानाध्यापक से चर्चा की जाएगी और स्थानीय स्तर पर बच्चों को बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए जाएंगे।
