‘बोरिंग टाइम’ का लुत्फ उठाना सिराज भाई ने सिखा दिया, अर्शदीप बोले-मैंने…

‘बोरिंग टाइम’ का लुत्फ उठाना सिराज भाई ने सिखा दिया, अर्शदीप बोले-मैंने…


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अर्शदीप सिंह इस समय दलीप ट्रॉफी में खेल रहे हैं. उनके पास इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट में डेब्यू का मौका था लेकिन वह चूक गए. ऐन मौके पर उनके बाएं अंगूठे की चोट की वजह से डेब्यू नहीं कर सके.

‘बोरिंग टाइम’ का लुत्फ उठाना सिराज भाई ने सिखा दिया, अर्शदीप बोले-मैंने...अर्शदीप सिंह एशिया कप की तैयारी कर रहे हैं.
नई दिल्ली. तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह एशिया कप के लिए तैयार हैं. अर्शदीप के पास टेस्ट में डेब्यू का मौका था लेकिन इंग्लैंड दौरे पर वह चूक गए थे.टेस्ट क्रिकेट में डेब्यू के लंबे होते इंतजार के बीच अर्शदीप ने कहा कि साथी तेज गेंदबाज मोहम्मद सिराज के साथ बातचीत ने उन्हें इस उबाऊ दौर से उबरना और एशिया कप के लिए मानसिक रूप से तैयार होना सिखाया है. इंग्लैंड दौरे पर शुरुआती तीन टेस्ट में एकादश से बाहर रहने के बाद अर्शदीप के पास चौथे और पांचवें टेस्ट में पदार्पण का मौका था लेकिन बाएं अंगूठे की दुर्भाग्यपूर्ण चोट के कारण ऐसा नहीं हो सका.

अर्शदीप सिंह (Arshdeep Singh) ने दलीप ट्रॉफी के इतर कहा, ‘मैंने पिछले दो महीनों में मानसिक रूप से उबाऊ समय का लुत्फ उठाना सीख लिया है. टेस्ट क्रिकेट या लाल गेंद के मैचों में एक समय ऐसा आता है जब आपका काम थोड़ा उबाऊ हो जाता है. जैसे लंच के बाद का सत्र जब गेंद से ज्यादा मदद नहीं मिलती है. तब आप उसका लुत्फ कैसे ले सकते हैं?’ उत्तर क्षेत्र के लिए अच्छी गेंदबाजी करने के बावजूद बाएं हाथ के इस तेज गेंदबाज को पूर्वी क्षेत्र के खिलाफ अपना पहला विकेट लेने के लिए दूसरे दिन के आखिरी सत्र तक इंतजार करना पड़ा. अर्शदीप के लिए सिराज की सलाह पर अमल करने का यह एक बेहतरीन मौका था.

उन्होंने कहा, ‘मैं इस मैच में गेंदबाजी कर अच्छा महसूस कर रहा हूं. मैं पिछले कुछ महीने भारतीय टीम के साथ था. मैंने वहां काफी अभ्यास किया. मैंने यहां 17 ओवर गेंदबाजी की है और इससे मेरे शरीर को कोई परेशानी नहीं हुई है.’ अर्शदीप को हालांकि अब एशिया कप के लिए तैयारी शुरू करनी होगी जिसे यूएई में टी20 प्रारूप में खेला जाएगा. अर्शदीप ने लाल गेंद से खेलने के बाद सफेद गेंद (सीमित ओवरों में इस्तेमाल होने वाली गेंद) वाले टूर्नामेंट से सामंजस्य बिठाने के बारे में पूछे जाने पर कहा कि उन्हें इसमें कोई परेशानी नहीं होगी. उन्होंने कहा, ‘लाल गेंद के बाद सफेद गेंद से खेलना कोई परेशानी का सबब नहीं है.मैंने इंग्लैंड में आखिरी टेस्ट मैच के दौरान ही सफेद गेंद से अभ्यास करना शुरू कर दिया था. उस समय मुझे नहीं पता था कि एशिया कप से पहले दलीप ट्रॉफी मैच खेलना होगा. हमारे कार्यभार (थकान और चोटिल होने से बचने) का अच्छे से ध्यान रखा जा रहा है.’

इस 26 साल के गेंदबाज ने कहा, ‘मैंने अभ्यास के दौरान हजारों की संख्या में गेंद डाली है. सफेद हो या लाल, दोनों गेंद ही है. आपको बस अपने खेल का लुत्फ उठाना होगा.’

Kamlesh Raiचीफ सब एडिटर

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से…और पढ़ें

करीब 15 साल से पत्रकारिता में सक्रिय. दिल्ली यूनिवर्सिटी से पढ़ाई. खेलों में खासकर क्रिकेट, बैडमिंटन, बॉक्सिंग और कुश्ती में दिलचस्पी. IPL, कॉमनवेल्थ गेम्स और प्रो रेसलिंग लीग इवेंट्स कवर किए हैं. फरवरी 2022 से… और पढ़ें

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