पीडब्ल्यूडी ऑफिस में सीसीटीवी कैमरे लगेंगे।
लोक निर्माण विभाग (PWD) में एक साल में दो बार लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद विभाग की छवि पर असर पड़ा है। ठेकेदारों द्वारा हर काम के लिए घूस देने के आरोप भी सामने आए हैं। अब विभाग ने ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं।
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ऑफिस और कैंपस में लगेंगे CCTV कैमरे
PWD के कार्यपालन यंत्री (ईई) अनुराग सिंह ने बताया कि पूरे कार्यालय परिसर और अधिकारियों के कक्षों में CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। इससे न केवल कर्मचारियों और अधिकारियों पर नजर रखी जा सकेगी, बल्कि बाहर से आने वाले लोगों की गतिविधियां भी रिकॉर्ड होंगी। इसका उद्देश्य पारदर्शिता बनाए रखना और भ्रष्टाचार पर रोक लगाना है।
ठेकेदारों की सीधी एंट्री पर रोक, बनेगा अलग बैठक कक्ष
अब निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदारों की सीधे दफ्तर में आने-जाने की अनुमति नहीं होगी। उनके लिए एक अलग बैठक कक्ष बनाया जाएगा, जहां वे बैठेंगे। वहीं संबंधित शाखा के अधिकारी उनसे जाकर मिलेंगे। इससे ठेकेदारों द्वारा अलग-अलग लिपिकों से सीधे संपर्क करने की संभावना खत्म हो जाएगी और कामकाज ज्यादा साफ-सुथरे तरीके से होगा।
रिश्वत लेने वाले वरिष्ठ लेखा लिपिक पवन सक्सेना की कुर्सी शुक्रवार को खाली पड़ी रही।वे दफ्तर नहीं पहुंचे।
लोकायुक्त की कार्रवाई के बाद ईई ने ली बैठक
रिश्वत के आरोप में वरिष्ठ लेखा लिपिक पवन सक्सेना की गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को वे ऑफिस नहीं पहुंचे। उनकी कुर्सी दिनभर खाली रही। दफ्तर में डर का माहौल नजर आया। इस बीच कार्यपालन यंत्री अनुराग सिंह ने सभी कर्मचारियों की बैठक ली। उन्होंने कहा कि भविष्य में कोई रिश्वत जैसी घटना न हो। ठेकेदारों की फाइलें बिना वजह न रोकी जाएं और कोई समस्या हो तो सीधे उन्हें बताया जाए।
रिश्वत का तरीका भी था सुनियोजित
ईई सिंह ने बताया कि जानकारी के अनुसार पवन सक्सेना ने रिश्वत सीधे नहीं ली थी। ठेकेदार अवधेश पटेल ने पहले से योजना बनाकर पैसे लिपिक की टेबल की दराज में रखे और बाहर निकल गया। इसके तुरंत बाद लोकायुक्त ने दफ्तर में छापा मारकर पवन सक्सेना को रंगे हाथ पकड़ लिया।

अनुराग सिंह, कार्यपालन यंत्री
एक साल में दूसरी बार PWD पर कार्रवाई
नर्मदापुरम में लोक निर्माण विभाग पर यह एक साल में दूसरी बड़ी कार्रवाई है। 29 अगस्त 2024 को अधीक्षण यंत्री आर.सी. तिरोले को 10 लाख रुपए रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने उनके बंगले पर पकड़ा था। अब 28 अगस्त को वरिष्ठ लेखा लिपिक पवन सक्सेना को 7 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए ईई कार्यालय में पकड़ा गया।
ठेकेदार का आरोप- हर काम के लिए देनी पड़ती है घूस
शिकायतकर्ता ठेकेदार अवधेश पटेल ने यह भी आरोप लगाया है कि PWD दफ्तर में हर छोटे-बड़े काम को करवाने के लिए अधिकारियों और लिपिकों को घूस देनी पड़ती है। इस वजह से विभाग की लगातार बदनामी हो रही है। अब विभाग इस छवि को सुधारने के लिए नई व्यवस्था लागू कर रहा है।

वरिष्ठ लेखा लिपिक पवन सक्सेना को लोकायुक्त टीम ने ऑफिस में रिश्वत के आरोप में पकड़ा।