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Ground report: भोपाल में पुलिस सहायता केंद्रों की हालत जर्जर और बदहाल है. डीजीपी कैलाश मकवाना के फील्ड पुलिसिंग के आदेश के बावजूद भारत माता चौराहा और ज्योति टॉकीज जैसे पुलिस बूथ भगवान भरोसे पड़े हैं.
राजधानी भोपाल के भारत माता चौराहा और एमपी नगर के ज्योति टॉकीज पर बने पुलिस सहायता केंद्रों की जर्जर अवस्था और धूल फंक रहे ये बूथ डीजीपी कैलाश मकवाना के आदेश और अधिकारियों का आदेशों के पालन की पुरी तस्वीर साफ कर देते हैं. अब देखिए बंद पड़े पुलिस बूथ का आंखों देखा हाल.
पुलिस बूथ में मदद के नाम पर बस छिपकलियां
भोपाल में लगभग 50 से ज्यादा पुलिस सहायता केंद्र मौजूद हैं, जिनमें से अधिकतर पुलिस बूथ भगवान भरोसे पड़े हैं और इन इलाकों में ट्रैफिक से लेकर सब कुछ भी भगवान कृपा से ही चलता दिख रहा है. भारत माता चौराहे से एक रास्ता मैनिट तो दूसरा न्यू मार्केट की ओर जाता है. जहां भयंकर ट्रैफिक लगता है. इसके बावजूद यहां के नर्क जैसे पुलिस बूथ का गेट खुला पड़ा था. इतना ही नही अंदर तो हालत और भी बदतर थे. जहां ऊपर की छत कभी भी नीचे गिरने को बेताब थी तो वहीं दूसरी तरफ इस बूथ पर पुलिस की जगह छिपकलियों ने ले रखी थी.
राजधानी भोपाल में 14 अगस्त को सीएम डॉ मोहन यादव ने डायल 112 सेवा को हरी झंडी दिखाई थी. तब उन्होंने कहा था कि, इससे जनता को और बेहतर मदद मिलेगी. लेकिन एमपी की राजधानी में अपराधियों का खौफ बढ़ रहा है. बीते ही कुछ दिनों में इंदौर से भोपाल घूमने आए एक लॉ स्टूडेंट को दिन दहाड़े अयोध्या बायपास में चाकू से मार डाला था. इसके अलावा फोन और पर्स छीनने की घटनाएं भी राजधानी में तेजी से बढ़ी है. इतना ही नही नशे से जुड़े अपराधों में भी उछाल देखने को मिला है.
Dallu Slathia is a seasoned digital journalist with over 6 years of experience, currently leading editorial efforts across Madhya Pradesh and Chhattisgarh. She specializes in crafting compelling stories across …और पढ़ें
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