राष्ट्रीय बौद्धिक संसद में जन घोषणा पत्र की रूपरेखा तय: बुद्धिजीवियों ने की नि:शुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग – Bhopal News

राष्ट्रीय बौद्धिक संसद में जन घोषणा पत्र की रूपरेखा तय:  बुद्धिजीवियों ने की नि:शुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग – Bhopal News



राष्ट्रीय बौद्धिक संसद में आए बुद्धिजीवी और वक्तागण।

राष्ट्रीय न्याय सत्याग्रह एवं पराक्रम जनसेवी संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में गांधी भवन में राष्ट्रीय बौद्धिक संसद का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में देशभर से समाजसेवी, शिक्षाविद्, वैज्ञानिक, प्रशासनिक अधिकारी और बुद्धिजीवी वर्ग ने भागीदारी की।

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राष्ट्रीय बौद्धिक संसद में बुद्धिजीवियों और वक्ताओं ने देश में नि: शुल्क शिक्षा, स्वास्थ्य और न्याय व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की। रासायनिक खेती, शिक्षा के व्यवसायीकरण का विरोध किया। बौद्धिक संसद का मुख्य उद्देश्य लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक मूल्यों की रक्षा और सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों पर विचार कर जन घोषणा पत्र तैयार करना था। इसमें कई प्रमुख विषयों पर चर्चा हुई।

कार्यक्रम में पद्मश्री बाबूलाल दाहिया, पूर्व वाइस चांसलर डॉ. रामप्रसाद, पूर्व डीजीपी अरुण गुर्टू व उपेंद्र वर्मा, पूर्व सचिव विलफ्रेड लकड़ा, पूर्व एसीएस अशोक शाह, पर्यावरणविद् शरद पालीवाल, कृषि वैज्ञानिक डॉ. एस.एस. तोमर, पूर्व जिला जज आर.सी. चौरसिया, समाजसेवी सनाज सेवी प्रकाश ठाकुर, विपिन टोप्पो, भगत सिंह मेहदेल, रामकुमार विद्यार्थी, कबीर मलिक, कुलदीप टोप्पो, प्रियांशु धारसे सहित कई गणमान्य जन उपस्थित रहे।



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