बालाघाट में 70.85 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे सरेखा रेलवे ओवरब्रिज के तीसरे लेग का मंगलवार को औपचारिक शुभारंभ किया गया। वाय आकार में बन रहे इस ओवरब्रिज का 90 प्रतिशत निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
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सांसद भारती पारधी और पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन ने हल्के वाहनों के आवागमन के लिए ब्रिज का शुभारंभ किया। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने आतिशबाजी की और पूर्व मंत्री बिसेन का फूलमालाओं से स्वागत किया।
कार्यक्रम को लेकर विवाद भी खड़ा हो गया। जिला जनसंपर्क कार्यालय ने 2 सितंबर को जारी सूचना में सांसद, विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष की उपस्थिति में शुभारंभ की जानकारी दी थी। लेकिन विधायक और जिला पंचायत अध्यक्ष की अनुपस्थिति में ही कार्यक्रम कर दिया गया।
विधायक अनुभा मुंजारे ने आरोप लगाया कि जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन भाजपा के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं। कांग्रेस ने इस शासकीय कार्यक्रम के राजनीतिकरण का आरोप लगाया।

पूर्व मंत्री बिसेन ने बताया कि इस ब्रिज का नाम महात्मा ज्योतिबा फुले ओवरब्रिज रखा गया है। उन्होंने कहा कि शेष कार्य के लिए धन की कमी नहीं होगी। सांसद पारधी ने कहा कि ब्रिज का विधिवत लोकार्पण मुख्यमंत्री करेंगे।
गौरतलब है कि इस ओवरब्रिज का भूमिपूजन 5 सितंबर 2022 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने किया था।

निर्धारित समयावधि के बीतने के बाद महिनों बाद इसका काम अब भी 90 प्रतिशत तक ही पूर्ण हो सका है। अभी इस ब्रिज में सर्विस रोड, पेंटिंग एवं फिनिशिंग और बिजली काम अधूरा है। इस ब्रिज से हल्के वाहनों के लिए आवागमन शुरू कर दिया है। जिससे निश्चित ही आमजनों को बहुत सहुलियत होगी। सरेखा रेल्वे अंडर ब्रिज पर भी यातायात का दबाव कम हो जाएगा। बालाघाट नगरीय क्षेत्र में तीन स्थानों पर रेल ओवर ब्रिज बनाए जा रहे हैं।